बरेली। शहर के बीडीए कॉलोनी, त्रिवटीनाथ मंदिर, प्रेमनगर निवासी श्रेयांश गोयल ने महज 21 वर्ष की उम्र में CMA (Cost and Management Accountant) की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। उनका परिणाम 5 अगस्त 2026 को घोषित हुआ।
श्रेयांश की स्कूली शिक्षा जीआरएम स्कूल, नैनीताल शाखा से हुई। उन्होंने 12वीं के बाद कॉमर्स विषय चुना और आगे CA, CS और CMA में से CMA को करियर के रूप में चुना। उनका कहना है कि CMA में कुछ नया सीखने के साथ-साथ भविष्य में विदेश में करियर के अवसर भी बेहतर नजर आए, इसलिए उन्होंने CMA को चुना।
श्रेयांश ने बरेली कॉलेज से B.Com की पढ़ाई भी पूरी की। CMA में Foundation, Intermediate और Final सहित तीन स्तर होते हैं और कुल 20 पेपर होते हैं। श्रेयांश ने अपनी मेहनत के दम पर सभी स्तरों को एक ही प्रयास में पास किया। उनके 20 में से 13 पेपरों में 60 से अधिक अंक होने के कारण उन्हें Exemption भी प्राप्त हुई।
श्रेयांश बताते हैं कि CMA की तैयारी में उन्हें करीब चार वर्ष का समय लगा। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 10 से 11 घंटे तक पढ़ाई करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा। बरेली में CMA की कोचिंग उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने पुणे, चेन्नई और दिल्ली के शिक्षकों से ऑनलाइन कोचिंग ली और इसके साथ स्वयं भी लगातार अध्ययन किया।
CMA के साथ 15 महीने की ट्रेनिंग/आर्टिकलशिप भी करनी होती है। श्रेयांश ने अपनी ट्रेनिंग भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), कोटद्वार, उत्तराखंड से पूरी की। बरेली में CMA का कार्यालय नहीं होने के कारण उन्हें आगे की औपचारिकताओं और परीक्षा के लिए आगरा कार्यालय से जुड़ना पड़ा। वहीं ट्रेनिंग के लिए बरेली से दिल्ली या लखनऊ जाना पड़ा।
श्रेयांश के मुताबिक बरेली में उनके साथ ऐसा कोई अन्य विद्यार्थी नहीं था, जो उसी समय CMA कर रहा हो। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा और लगातार मेहनत जारी रखी।
श्रेयांश के परिवार में पिता गीतेश गोयल, माता प्रीति गोयल, बड़ी बहन और दादी हैं। परिवार का संजय नगर में ज्वेलर्स का व्यवसाय है। वह अपने परिवार के पहले CMA हैं और दोस्तों में भी पहले प्रोफेशनल बने हैं।
बरेली में CMA क्षेत्र से जुड़े शरद गौतम, प्रदीप तिवारी और रितेश अग्रवाल जैसे प्रोफेशनल्स का भी उन्होंने उल्लेख किया। रितेश अग्रवाल RBMI में प्रोफेसर हैं, जबकि शरद गौतम और प्रदीप तिवारी का कार्यालय बटलर क्षेत्र में है।
श्रेयांश अब आगे Indian Cost Accounting Services (ICOAS) और CFA करने की इच्छा रखते हैं। उनका कहना है कि लगातार मेहनत, सही मार्गदर्शन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।
21 वर्षीय श्रेयांश ने हासिल की CMA की उपाधि, 20 में से 13 पेपरों में मिली विशेष उपलब्धि
