सरकारी विद्यालय में पढ़ रहे डॉक्टर की संतान:जन्मदिन भी बना समाजसेवा की मिसाल

राजस्थान/बाड़मेर – चितलवाना पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रतनपुरा की अनोखी कहानी आज के दौर में जब बड़े व्यवसायी, अधिकारी एवं कर्मचारी वर्ग के अधिकांश परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए निजी विद्यालयों को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं एक सरकारी चिकित्सक द्वारा अपनी संतान को गांव के स्थानीय सरकारी विद्यालय में शिक्षा दिलाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

डॉ. दिनेश सोलंकी ने अपनी सुपुत्री पूजा व बेटा शत्रुघ्न की शिक्षा के लिए गांव के स्थानीय सरकारी विद्यालय पर भरोसा जताया है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए आज पूजा का जन्मदिन भी किसी भव्य आयोजन के बजाय सरकारी विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर मनाया गया।यह पहल इस बात का संदेश देती है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल निजी विद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि समर्पित शिक्षक, अच्छा वातावरण और अभिभावकों का विश्वास सरकारी विद्यालयों को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

डॉ. सोलंकी के परिवार में जन्मदिन को सामाजिक सरोकारों से जोड़कर मनाने की परंपरा रही है। पूर्व में भी पौधारोपण, रक्तदान एवं गौसेवा जैसे कार्यों के माध्यम से जन्मदिन को सेवा और समाजहित के अवसर के रूप में मनाया जाता रहा है। एक सरकारी डॉक्टर का अपने बच्चों को गांव के सरकारी विद्यालय में पढ़ाना और उसी विद्यालय में बेटी का जन्मदिन पौधारोपण के साथ मनाना—निश्चित रूप से सरकारी शिक्षा व्यवस्था में विश्वास और ग्रामीण समाज के प्रति जुड़ाव का प्रेरणादायक उदाहरण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *