बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। विशेष टीईटी के शासनादेश मे शिक्षामित्रों को शामिल नही किए जाने के विरोध मे प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है।
मंगलवार को कस्बे ओके यश कृष्णा वेंकट हॉल मे आयोजित संघ की बैठक मे विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने के साथ ही टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को उनके शिक्षण अनुभव का लाभ देते हुए सुपर टेट में छूट प्रदान कर नियमित किए जाने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्र कोई नए अभ्यर्थी नहीं हैं, बल्कि वे लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी योग्यता, सेवाकाल और अनुभव को नजरअंदाज कर विशेष टीईटी से बाहर रखना उचित नही है। जिलाध्यक्ष कपिल यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों ने वर्षों तक ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जिस शिक्षामित्र ने वर्षों तक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया है, उसके अनुभव को किसी भी चयन प्रक्रिया में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को शिक्षामित्रों की वास्तविक स्थिति को समझते हुए विशेष टीईटी में उन्हें शामिल करना चाहिए। अनदेखी किए जाने पर आवाज बुलंद की जाएगी। अगर शिक्षामित्रों की मांगें 27 सितंबर तक पूरी नहीं की जाती है तो वह मजबूर होकर 28 सितंबर से बीएसए कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। ब्लॉक अध्यक्ष सतीश चंद्र गंगवार ने कहा कि 28 सितंबर को बीएसए कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। प्रभा गंगवार ने महिला शिक्षामित्रों से संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया और अधिक से अधिक संख्या मे धरने मे शामिल होने की अपील की। इस मौके पर दौलत राम, राजीव उपाध्याय, पूनम सिंह, रजनी श्रीवास्तव, राधा सिंह, कृष्णा कुमारी, रिजवाना, सुजाता, वंदना आर्य, नीलम कुमारी, प्रेमवती, धर्मवीर कश्यप, सत्यम गंगवार, जगतपाल, मुंशीलाल, चुन्नीलाल, मोहम्मद यूनुस अंसारी सहित सैकड़ो शिक्षामित्र शामिल थे।।
बरेली से कपिल यादव
