मुख्यमंत्री ने माफियाओं को दी चेतावनी:सुधर जाएं अन्यथा उनका भी हश्र बुरा करेंगे

बाड़मेर /राजस्थान- पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान पुलिस की ओर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे हैं ऑपरेशन व्रज प्रहार की जमकर तारीफ की और पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाई। सीएम गहलोत ने कहा कि पिछले दो महीने से चल रही पुलिस कार्रवाईयों के बाद बड़े-बड़े अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर भी अब अहिंसा का राग अलाप रहे हैं।

मुख्यमंत्री गहलोत ने आज राजस्थान पुलिस अकादमी में पुलिस स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिन अपराधियों की सुबह अपराध के साथ होती थी वो अपराधी आज अहिंसा और भाईचारे का राग अलापते हुए नज़र आ रहे हैं, यह अच्छी बात है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जमकर तारीफ की। साथ ही सीएम गहलोत ने गैंगस्टर्स और माफियाओं को भी खुल्ला चेतावनी देते हुए कहा कि जो गैंगस्टर और माफिया जेल से बाहर आए हुए हैं वो भी सुधर जाएं नहीं तो उनका भी हश्र वहीं होने वाला है जो औरों का आजकल हो रहा है। गहलोत ने कहा कि माफियाओं और गैंगस्टर के इरादे नेस्तनाबूद करेंगे l

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पिछले कई महीने से राजस्थान पुलिस की ओर से अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से प्रदेश में अच्छा माहौल मिला है और अपराधों के ग्राफिक में गिरावट आई है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय राजस्थान पुलिस का यह स्लोगन अब जनता में भी साकार होता दिखाई दे रहा है।

सीएम गहलोत ने कहा कि पुलिस का रवैया आमजन के लिए मां जैसी ममता और अपराधियों के लिए पिता जैसा सख्त होना चाहिए। गहलोत ने कहा कि थाने में स्वागतकक्ष में आने वाले फरियादियों के साथ हमेशा अच्छा व्यवहार होना चाहिए और उनकी बात को संवेदनशीलता के साथ पुलिसकर्मियों को सुननी चाहिए और उसका त्वरित निस्तारण करना चाहिए।

सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान को एक शांत और सुरक्षित प्रदेश माना जाता है और इसमें राजस्थान पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। सीएम ने कहा कि इसकी एक वजह यह है कि पुलिस ने अपराधियों को नियंत्रण में कर रखा है। गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में पुलिसकर्मियों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। कोविड काल में पुलिस का एक नया मानवीय रूप देखने को मिला था। हमारी पुलिस को आगे भी इसी संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है, कोई भी व्यक्ति पुलिस को फोन करने में संकोच नहीं करें, यही मकसद हमारा होना चाहिए।

बाड़मेर जिले के प्रकरण में भी ऐसा होगा क्या….❓

अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, मगर देश के विधी सम्मत कानून के तहत होनी चाहिए। किसी भी सियासी मकसद से कानून के राज और न्यायिक प्रक्रियाओं से खिलवाड़ करना उसका उल्लंघन करना हमारे लोकतंत्र के लिए सही नहीं है, जो भी ऐसा करता है ऐसे करने वालों को संरक्षण देता है उसे भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उस पर सख्ती से कानून लागू होना चाहिए। देश में न्याय व्यवस्था और कानून का इकबाल बुलंद हो, यही हम सब की कोशिश होनी चाहिए। लेकिन इमानदारी से कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को भीड़ देखकर बली का बकरा मत बनाओं, कारण भीड़ की कोई जाति नहीं होती है और ना ही आँख और कान ।

– राजस्थान से राजूचारण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *