मास्टर प्लान के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों पर होगी सख्त कार्रवाई

राजस्थान/बाड़मेर- नगर परिषद ने शहर में मास्टर प्लान के विपरीत भूखण्डों एवं भवनों का उपयोग करने वाले भू-स्वामियों, भवन स्वामियों और व्यवसाय संचालकों को नियमानुसार भूमि उपयोग परिवर्तन करवाने के निर्देश दिए हैं। नगर परिषद आयुक्त आशुतोष आचार्य ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत भू-उपयोग के विपरीत अथवा बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत आवश्यकतानुसार संबंधित भवन या परिसर को सीज अथवा सील भी किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि बालोतरा मास्टर प्लान में निर्धारित भू-उपयोग तथा प्रचलित भूमि उपयोग परिवर्तन संबंधी नियमों के अनुरूप ही किसी भूखण्ड अथवा भवन का उपयोग किया जाना आवश्यक है। नगर परिषद क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें स्वीकृत भू-उपयोग के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। वहीं, कुछ आवासीय भूखण्डों एवं भवनों का उपयोग भी सक्षम अनुमति के बिना व्यावसायिक प्रयोजन के लिए किया जा रहा है। नगर परिषद ने ऐसे सभी भू-स्वामियों, भवन स्वामियों एवं व्यवसाय संचालकों को अपने भूखण्ड या भवन के वर्तमान उपयोग की जांच मास्टर प्लान, बालोतरा और प्रचलित नियमों के अनुरूप करने की सलाह दी है। जिन मामलों में भूमि उपयोग परिवर्तन अथवा अन्य आवश्यक अनुमति लेना जरूरी है, उनमें संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करवानी होगी।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से आयोजित शहरी सेवा शिविरों में भूमि उपयोग परिवर्तन एवं इससे जुड़े प्रकरणों के निस्तारण के लिए नियमानुसार उपलब्ध छूट और रियायतों का लाभ लिया जा सकता है। नगर परिषद ने संबंधित लोगों से शहरी सेवा शिविर में उपस्थित होकर अपने प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण करवाने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

उन्होंने बताया कि निर्धारित अवधि में भूमि उपयोग परिवर्तन अथवा आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं करने और बिना स्वीकृति के व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखने पर राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 194 सहित अन्य लागू प्रावधानों, भवन विनियमों एवं मास्टर प्लान के तहत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित भवन या परिसर को सीज अथवा सील करने सहित अन्य वैधानिक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
नगर परिषद आयुक्त ने संबंधित भू-स्वामियों, भवन स्वामियों एवं व्यवसाय संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने भूखण्ड एवं भवन के उपयोग की जांच कर लें और जहां भूमि उपयोग परिवर्तन या अन्य अनुमति आवश्यक हो, वहां शहरी सेवा शिविर में उपलब्ध छूट एवं रियायतों का लाभ लेते हुए नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करवाएं।

— राजस्थान से राजूचारण

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