बरेली। जिले के मानसिक मंदित हॉस्पिटल मे मंगलवार देर रात के एक कर्मचारी की हत्या कर शव जला दिया गया। हॉस्पिटल कैंपस मे ही देर रात शव मिलने पर हड़कंप मच गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस के साथ ही अफसर मौके पर पहुंचे तो नग्न हालत मे जला हुआ शव पड़ा था। उसके दायें कंधे सेे हाथ की ओर रस्सी बंधी थी। गले पर भी निशान थे। घटनास्थल से थोड़ी ही दूर कमरे के सामने उसकी बाइक खड़ी थी। बाइक के सामने वाले कमरे में एक सुसाइड नोट भी मिला है। शव के हुलिए को देखकर पुलिस यही अंदेशा जता रही है कि हत्या को खुदकुशी दिखाने के लिए यह कहानी गढ़ी गई है। शव की शिनाख्त हॉस्पिटल के ही कर्मचारी महेश चंद्र बाल्मीकि के रूप मे हुई। मृतक महेश चंद्र सीबीगंज के जौहरपुर गांव के रहने वाले थे। बेटे अखिलेश ने बताया कि मानसिक चिकित्सालय में पिता वार्ड ब्वाय के समकक्ष कर्मचारी थे। वह टेलरिंग करते थे। बुधवार की सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक उनकी ड्यूटी रहती थी। मंगलवार को भी वह रोज की तरह ड्यूटी आए। शाम सात बजे तक घर नहीं लौटे तो घरवालों को चिंता हुई। बेटी पूजा ने कई फोन किए लेकिन महेश चंद्र का एक भी फोन नहीं उठा। इसके बाद पूजा ने चिकित्सालय में ही कर्मी चाचा सुनील को पिता के फोन न उठाने की जानकारी दी। सुनील तुरंत ही ड्यूटी रजिस्टर चेक किया। यहां से पता चला कि महेश चंद्र परिसर से बाहर नहीं निकले है। महेश चंद्र के बेटे अखिलेश ने बताया कि घर पर कुछ काम चल रहा था। पिता को दोपहर में फोन किया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। फिर से कई फोन किये। फिर फोन नही उठा। यह पहली बार था। हर बार फोन उठता था लेकिन, यह लगा कि कही फंसे होंगे। इधर शाम तक जब फोन नहीं उठा तो घर वालों को चिंता हुई जिसके बाद महेश की मौत की जानकारी सामने आई। महेश चंद्र के दो बेटे अखिलेश व उमेश है। तीन बेटियां है जिसमे दो की शादी हो चुकी है। तीसरे नंबर की बेटी पूजा अविवाहित है।।
बरेली से कपिल यादव
