भोजीपुरा, बरेली। जनपद के थाना भोजीपुरा क्षेत्र के गांव रमपुरा माफी के ग्राम प्रधानपति साबिर खां की हत्या के मामले में अपर जिला जज प्रथम विजेंद्र त्रिपाठी की कोर्ट ने फैसला सुना दिया। कोर्ट ने हत्यारोपी फारुख को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है। वही ठोस सबूतों के अभाव दोषी के सगे भाई मकसूद और बहन कुलसुम को कोर्ट ने दोषमुक्त कर बरी भी किया था। डीजीसी क्राइम रीतराम राजपूत और एडीजीसी क्राइम सुनील पांडेय ने बताया कि थाना भोजीपुरा मे रमपुरा माफी गांव की ग्राम प्रधान आयशा ने अपने पति साबिर खां के गुम होने पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए अभयपुर में किराये के मकान में परिवार के साथ रहती थीं। 14 जून 2019 की रात एक बजे उसके पति साबिर खां उत्तराखंड से आने वाले ट्रक को देखने गये थे। और फि घर वापस नही लौटे। भोजीपुरा पुलिस ग्राम प्रधानपति साबिर खां की गुमशुदगी पर जांच करने 16 जून 2019 को रमपुरा माफी गांव में पहुंची। पुलिस को देखकर फारुख भागने लगा। शक होने पर उसके पकड़ा तो उसके कब्जे से एक तमंचा और दो कारतूस मिले थे। पूछताछ पर फारुख ने बताया कि प्रधानपति साबिर खां के अवैध संबंध उसकी बहन कुलसुम से थे। बहन का रिश्ता भी साबिर ने तुड़वा दिया था। 14 जून 2019 की रात अपने घर में बहन कुलसुम के साथ साबिर खां को पकड़ा लिया था। तभी गोली मारकर साबिर की हत्या कर दी। अपने भाई मकसूद की मदद से फारुख को बाइक पर बैठा ले गया। गड्ढा खोदकर शव को दबाया। गड्ढा छोटा होने के कारण साबिर का सिर अटक रहा था। तभी फावड़े से उसका सिर काटकर दूसरे गड्ढे में दबा दिया। पुलिस ने फारुख की निशान देही पर प्रधानपति शव, सिर, फावड़ा और वारदात मे प्रयुक्त बाइक बरामद की थी। भोजीपुरा पुलिस ने फारूख, उसके भाई मकसूद और बहन कुलसुम के खिलाफ हत्या के आरोप में चार्जशीट पेश की थी।।
बरेली से कपिल यादव
