बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में सूबे का सबसे बड़ा वन क्षेत्र विकसित किए जाने का दावा प्रशासनिक अधिकारियों ने किया है। यहां रामगंगा नदी के करीब 150 हेक्टेयर जमीन पर वन क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। जिसकी कवायद भी प्रशासन के अधिकारियोंं ने नए साल के पहले दिन शुरू कर दी। सांसद धर्मेंद्र कश्यप व डीएम नितीश कुमार ने शुक्रवार को जिले के ब्लॉक क्यारा के गांव मुंतजा उर्फ मंझा मे पौधारोपण कर शुभारंभ किया। सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने डीएम को इस परियोजना की परिकल्पना तथा उसे धरातल पर उतारने के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के रास्ते इस ग्राम्यवन से खुलेंगे। वृक्ष हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा हैं, जहां पेड़ पौधे नहीं होते हैं वहां सांस लेना भी कठिन हो जाता है। गांव हमारी सम्पदा है। इनका विकास वास्तव में सबका विकास है। डीएम नितीश कुमार ने कहा कि बरेली में करीब 500 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर ली गई है। जिसका वनीकरण किया जाएगा। इस वर्ष जुलाई तक जनपद में करीब तीन लाख से अधिक पौधे रोपे जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का दावा है कि बरेली का ही नहीं उत्तर प्रदेश का पहला ग्राम्यवन है। डीएम ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत इसमें कार्य कराया जाएगा। इससे यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस ग्राम्य वन में अगले पांच वर्षों में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक लाख 85 हजार पौधे रोपे जाएंगे। यहां औषधीय पौधे, वन्य जीव, तालाब, बोटिंग और लाइटिंग की व्यवस्थाएं होंगी। नया पर्यटन स्थल बनकर उभरेगा। इस मौके पर पौधरोपण भी किया गया। सांसद धर्मेन्द्र कश्यप, डीएम नीतीश कुमार, सीडीओ चंद्र मोहन ने पौधरोपड़ किया। इस दौरान गांव के लोग भी मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
