बरेली। महाठग कन्हैया गुलाटी से जुड़े करीब 800 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच मे पुलिस अब उसकी कोर कमेटी में शामिल 44 लोगों की जानकारी जुटा रही है। डेढ़ साल मे कन्हैया गुलाटी के जिन साथियों को जिले भर की पुलिस नही तलाश सकी वे पुलिस अफसरों का नाम लेकर वायरल हुए तो महज डेढ़ दिन में ही गिरफ्तार कर लिए गए। गिरफ्तारी भी उस फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में हुई जहां उनके खिलाफ पहले से मामला दर्ज है। मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया है। वहीं, मास्टरमाइंड गुलाटी का अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कन्हैया गुलाटी बरेली व बदायूं जिलों के करीब डेढ़ हजार निवेशकों का दो हजार करोड़ रुपया लेकर भाग चुका है। उसे भगोड़ा व हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जा चुका है। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी हो चुका है। पिछले दिनों गुलाटी व उसके साथियों के खिलाफ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना-प्रदर्शन हुआ था। फिर पीड़ित निवेशकों की ओर से फतेहगंज पश्चिमी में कार्यालय खोलकर बैठे गुलाटी के कुछ साथियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई थी। फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था जबकि कई वांछित चल रहे थे। इन्हीं मे विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव शामिल थे। दोनों ही गुलाटी पर प्रभाव बनाने के चक्कर में अधिकारियों का नाम ले बैठे और फंस गए। रविवार को जैसे ही इनका वीडियो वायरल हुआ, पुलिस ने दबोच लिया। हैरत की बात ये है जिन आरोपियों को पुलिस दूसरे प्रांतों में तलाश चुकी थी वह फतेहगंज पश्चिमी में ही मिल गए। हालांकि चर्चा है कि एसओजी इन्हें गोरखपुर से पकड़कर लाई है। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। कन्हैया गुलाटी से कमेटी के लोग बातचीत करते रिकार्ड हुए थे। कुछ समय पहले दामोदर पार्क में धरने पर बैठे लोगों के पास भी इस बातचीत का पूरा वीडियो मौजूद था। लेकिन तब ये वायरल नही हुआ। मामले मे फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने गिरफ्तार किए गए विनय श्रीवास्तव और उसके साथी विशाल शर्मा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। पूछताछ में कमेटी के सदस्यों की भूमिका और कन्हैया गुलाटी से उनके संबंधों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। महाठगी के मामले में पुलिस ने बरेली समेत प्रदेश के कई जिलों मे मुकदमे दर्ज किए है। बताया जा रहा है कि अब तक कुल 98 मामले दर्ज हुए है। अब इनमें से कई सारे मामले लखनऊ ट्रांसफर कर दिए गए हैं। वर्तमान में दर्ज किए गए मुकदमो में कैनविज कंपनी के सीईओ कन्हैया गुलाटी के साथ एजेंटों के नाम भी मामले दर्ज किए जा रहे है। बीते दिनों बरेली पुलिस ने कई एजेंटों को भी जेल भेजा है।।
बरेली से कपिल यादव
