बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। फर्जी आधार कार्ड से बैंक खाते खुलवाकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगाने वाले हैंडलर को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। उसका एक साथी पहले ही जेल भेजा जा चुका है। फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने रविवार को धंतिया निवासी रफीक को गिरफ्तार कर लिया। इससे पूर्व दो अगस्त को उसके साथी बहेड़ी के गांव शेरनगर निवासी मोहम्मद जफर को भी जेल भेजा जा चुका है। एसओ प्रवीन कुमार ने बताया रफीक अपने साथी जफर एवं ताहिर की मदद से फर्जी आधार कार्ड तैयार कराते थे और फिर उससे बैंकों में खाते खुलवाता था। फिर ये खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराए जाते थे और उनमें ठगी की रकम भेजी जाती थी। आरोपी इस रकम को निकालकर अपनी कमीशन काटने के बाद ठगों तक पहुंचा देते थे। उन्होंने बताया कि जफर से पूछताछ में रफीक और ताहिर का नाम सामने आया था। ताहिर की तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस ने वर्ष 2016 में भी गिरफ्तार किया था। उस समय वह फर्जी आधार कार्ड लेकर अपने साथी के साथ इज्जतनगर क्षेत्र की बैंक में खाता खुलवाने गया था। मगर प्रक्रिया के दौरान ही बैंक मैनेजर ने मामला पकड़ लिया और उसे पुलिस को सौंप दिया था। इस मामले में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। झारखंड के जामताड़ा की तरह ही फतेहगंज पश्चिमी का गांव धंतिया भी साइबर ठगों का बड़ा ठिकाना है। यहां के ठगों के नाइजीरियन और झारखंड समेत कई प्रदेश के साइबर ठगों से संबंध आ चुके हैं। कुछ दिन पूर्व ही यहां के ठग जमशेद को भी गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है, जो साइबर ठगी का बड़ा नाम है।।
बरेली से कपिल यादव
