बरेली। कोरोना के चलते फीका पड़ा होली का रंग और उत्साह दो साल बाद फिर अपने पुराने अंदाज मे दिखाई दिया। जिले मे होली का उल्लास और रौनक दिखाई दी। बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी रंगो के त्योहार की खुशियों में डूबते उतराते नजर आए। फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर होलिका दहन कर शहरवासियों ने बुराई पर अच्छाई का संदेश दिया। शनिवार की सुबह होलिका दहन हुआ। इस बार जिले मे कुल 2,788 परंपरागत स्थानों पर विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया गया। इसके बाद एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर लोगों ने होली की शुभकामनाएं दी। इस बार होलिका दहन के दिन भद्रा की बाधा नही थी। नाथ नगरी में भी होली का जश्न सड़कों पर दिखाई दिया। मुख्य सड़क से लेकर गली चौराहों की गलियों में होली का जश्न मनाते लोग दिखाई दिए। युवाओं से लेकर बच्चों तक और बुजुर्ग से लेकर महिलाओं तक सभी होली का जश्न मनाते अपने अंदाज में नजर आए। बरेली की सड़कों पर जश्न मनाते हुए महिलाओं का अलग अंदाज अपने कैमरे में कुछ इस तरह से कैद किया। होली के त्याैहार के बीच रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को भी होरियारों ने नही बख्शा। उन्होंने राहगीरों को जहां प्रेम से रंग लगाया वही उन्हें होली की मुबारक बाद भी दी। आलम ये रहा कि कुछ मुहल्लों में तो लोगों को रंगों से भरे टब, ड्रम, कढ़ाई में डालकर रंगोंं से सराबोर कर दिया। इस दौरान डीजे की धुन पर होरियारे थिरकते नजर आए। बरेली मे होली का ये मौका बेहद खास होता है। यहां की होली सबसे अनोखी इसलिए भी कही जाती हैं क्योंकि यहां होली से पहले रामलीला की जाती है। जिसके बाद शहर भर में राम यात्रा निकाली जाती है। इस राम बारात को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग यहां पर पहुंचते हैं. बरेली में ये राम यात्रा 161 सालों से भी ज्यादा पुरानी है. इस राम बारात को देखने के लिए लोग दुनियाभर से आते है।।
बरेली से कपिल यादव
