बरेली। कर्मचारियों, किसानों और आम लोगो पर प्रतिकूल असर डालने वाली सरकार की कथित गलत नीतियों के विरोध मे श्रमिक संगठनों की दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को श्रमिक संगठनों ने हड़ताल जारी रखी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में श्रमिक और कर्मचारी उप श्रमायुक्त कार्यालय के समक्ष एकत्रित हुये और जमकर नारेबाजी की गई। बैंक लगातार बंद होने से शहर के अधिकांश एटीएम खाली हो गए हैं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि देश का नागरिक बेरोजगारी और मंहगाई से त्रस्त है। लगातार चीजे खासकर गैस, पेट्रोल, डीजल के दाम बढने से आमजन का जीना मुहाल है। ऐसे में हड़ताल एक मात्र विकल्प है। बैंक यूनियन के दिनेश सक्सेना ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रम देश के नवरत है और सरकार पूंजीपतियों को सौप देना चाहती है जो जनविरोधी है इसलिए हम हड़ताल पर जाने को मजबूर हुये है। आयकर कर्मचारी महासंघ के रविन्द्र सिंह ने ओपी बढ़ेरा ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए सरकार से मांग की और कहा कि जब छोटे-छोटे राज्य हमारी मांग से सहमत है तो केन्द्र सरकार को यह मांग तुरंत मान लेना चाहिए। इंकलाबी मजदूर संगठन के ध्यान चन्द्र मौर्य ने अनुबंधित ओर ठेके के स्थान पर नियमित रोजगार की मांग की। सभा प्रदर्शन को पीपी सिंह, विरात कन्नौजिया, अनुराग, अरविंद देव, अरूण जायसवाल, कैलाश, ललित, अमित सिंह, चरण सिंह यादव, मुकेश सक्सेना, रंजन मोहले, आशीष शुक्ला, अरूण कुमार व रंगकर्मी जेसी पालीवाल आदि ने सम्बोधित किया।।
बरेली से कपिल यादव
