बरेली। फरीदपुर में राजस्व वसूली की रकम के कथित गबन के मामले में कनिष्ठ सहायक अंशु वर्मा की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। ट्रिब्यूनल के आदेश पर अंशु के प्रकरण की दोबारा से सुनवाई हुई थी। सभी आरोपों के सही पाए जाने पर अंशु को बर्खास्त कर दिया गया है। अंशु वर्मा फरीदपुर तहसील में कार्यरत था। उसके ऊपर यह आरोप था कि उसने कई अमीनों के पैसों का गबन करके अपने पर्सनल खाते में डाल लिया था। फिर उनका इस्तेमाल भी किया। वर्ष 2015-16 में अंशु को बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद अंशु ने ट्रिब्यूनल में अपील की। ट्रिब्यूनल ने डीएम को केस की दुबारा से सुनवाई का निर्देश दिया। डीएम ने एडीएम सिटी की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई। जांच कमेटी ने आरोप पत्र देकर पुनः सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान सभी आरोप सिद्ध पाए गए। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अंशु को एक बार फिर बर्खास्त कर दिया गया। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। दुबारा सुनवाई में अंशु के विरुद्ध सभी आरोप फिर सही पाए गए। इस आधार पर वर्ष 2015 मे जो आदेश हुआ था, उसकी पुनरावृत्ति की गई है। अंशु को बर्खास्त कर दिया गया है।।
बरेली से कपिल यादव
