देहरादून/उत्तराखंड-प्रखण्ड रिखणीखाल के अन्तर्गत सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कर्तिया विगत कुछ दिनों से पेयजलापूर्ति ठप्प हो गई है,आलम यह है कि ग्रामीण पानी की बूंद को तरसे नज़र आ रहे हैं। गौरतलब है कि पेयजल निगम के अधीन हर घर जल योजना से संयोजन वितरण का काम विगत वर्ष सम्पन्न हुआ और जो पानी की मात्रा थी उसमें इजाफा नहीं हुआ तो प्रतिपूर्ति कैसे हो?? यह संकट गांव के चुनारखोला व चुराड़ीखोला के ग्रामीणों को सता रहा है। ग्रामीण बचनसिंह,कृपाल सिंह तथा अन्य का कहना है कि समस्या वर्षों पूर्व से ही है और गर्मी शुरू होते ही संकट बढ़ जाता है। कर्तिया के बड़े भूभाग तोकों में नेगी बाखल,चुराड़ीखोला,चुनारखोला,नौदानू , ढौंटियाल तोक,जीआईसी आस पास तक विस्तृत होने पर पेयजल लाइन में फ़ोर्स कम हो जाता है। यद्यपि विगत कुछ वर्षों पूर्व वहां ट्यूबवेल से भी आपूर्ति सिंचाई व पेयजल रूप में हो रही है लेकिन आजकल खासी परेशानी है लोगों को मन्दाल नदी या नौदानू स्रोत एक किमी दूर से गगरी ,कसेरा ,बाल्टी डिब्बे भरकर लाने पड़ रहे हैं। जबकि आजकल गेंहू की कटाई पर भी लोग व्यस्त हैं। फिर देर रात तक पानी भरने जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं। दो बड़ी योजनाओं पर वर्षों पूर्व काम हुआ भी जो लगभग-लगभग अस्सी लाख रुपए की लागत की थी मगर गांव में अधिक आबादी तथा स्रोत की दूरी दस किलोमीटर दूर बिशनगल्या और डालापाख च्वरपणि स्रोत अधिक होने पर समस्या है। विगत योजना का द्वितीय चरण कब होगा लोग इंतजार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत प्रधान शर्मिला गुसाईं का कहना है कि गांव वालों के साथ मिलकर पाइपलाइन ठीक की जा रही है पतब्यगड़ू लगने से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है जिसमें डेढ़ लाख रुपए तक खर्च की संभावना है जिसके लिए निगम तथा क्षेत्रीय विधायक माननीय महन्त दिलीप रावत से गुहार लगाई गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य कर्तिया बिनीता ध्यानी का कहना है कि उन्होंने त्वरित कार्रवाई हेतु माननीय जिलाधिकारी जी पौड़ी, अधिशासी अभियंता नलकूप विभाग श्रीनगर प्रदीप कुमार जी से वार्ता कर गांव में स्थापित ट्यूबवेल से आपूर्ति बहाली हेतु लाइन व समयावधि बढ़ाने की अपील की है ताकि कुछ राहत मिल सके।इस पर अधिशासी अभियंता नलकूप विभाग ने फील्ड निरीक्षण करके शीघ्र अपेक्षित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।जबकि पेयजल निगम के अभियंता आशीष कुमार का कहना है कि म ई माह में द्वितीय चरण का कार्य शुरू किया जाना है जल्द ही पेयजलापूर्ति सुचारू रूप से हो जायेगी।यदि टैंकर से आपूर्ति की संभावना है तो इस हेतु प्रयास कुछ हद तक हो सकेंगे।
कर्तिया में हर घर जल योजना बनी मुसीबत: नहीं मिल पा रहा पीने का पानी, संकट में 80 परिवार
