बरेली। समाजवादी पार्टी का बरेली कार्यालय लखनऊ के बाद सबसे पुराना कार्यालय है। इसका उद्घघाटन सपा संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने किया था। इस कारण सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कुछ वर्ष समय पहले पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य से कार्यालय को आधुनिक बनाने के साथ ही सौंदर्यीकरण करने को कहा। कार्यालय आधुनिक तो नहीं हुआ लेकिन सात वर्ष से बिजली का बिल जमा न होने के कारण 1.15 लाख के बकाया बिल के चलते चुनावी सीजन में बिजली विभाग ने बिजली कनेक्शन काट दिया। इस दौरान कई जिलाध्यक्ष बदल गए। इससे बरेली से लेकर लखनऊ तक सपा की काफी फजीहत हुई। मगर अब इस फजीहत से अखिलेश यादव बरेली के सपाइयों से काफी खफा है। शिवपाल सिंह की बीजेपी के साथ नजदीकियां से नाखुश वीरपाल सिंह यादव बड़ा राजनीतिक फैसला करने की तैयारी में है। वीरपाल सिंह यादव की समाजवादी पार्टी मे वापसी कर सकते हैं। शनिवार को वीरपाल सिंह और सपा मुखिया अखिलेश यादव की बंद कमरे में करीब डेढ घंटे मंत्रणा हुई है। वीरपाल सिंह यादव को सपा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसे हालात मे वीरपाल और अखिलेश यादव की मुलाकात को बहुत अहम माना जा रहा है। अखिलेश यादव ने फोन करके शनिवार को सुबह 11 बजे वीरपाल सिंह को लखनऊ बुलाया था। अखिलेश यादव और वीरपाल सिंह की मंत्रणा 11 बजे से लेकर 12.30 बजे तक चली। विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर भी वीरपाल से अखिलेश यादव ने जानकारी की। प्रसपा प्रमुख महासचिव वीरपाल सिंह ने बताया कि मेरी अखिलेश यादव के साथ मुलाकात हुई है। अखिलेश यादव से चुनाव के बाद से लगातार मेरी फोन पर बात हो रही है। गंभीर राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई है। मैं उनके बारे में अभी जानकारी नहीं दे सकता। कुछ महत्वपूर्ण फैसले हो सकते है।।
बरेली से कपिल यादव
