बरेली। जनपद मे झोलाछाप और नियमों के खिलाफ संचालित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मीरगंज क्षेत्र मे जांच के दौरान सात बेड का अस्पताल बिना डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के संचालित मिला। झोलाछाप चिकित्सा प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. शुचिता गंगवार ने अस्पताल को सील करते हुए प्रबंधक को नोटिस जारी किया है। मीरगंज क्षेत्र मे एक झोलाछाप पर महिला को गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप है। बताया गया कि इंजेक्शन लगने के बाद महिला की मौत हो गई थी। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में छापेमारी कर अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच शुरू की। नोडल अधिकारी डॉ. शुचिता गंगवार ने फतेहगंज पश्चिमी स्थित मरियम क्लीनिक का निरीक्षण किया। यहां बीयूएमएस चिकित्सक डॉ. उजमा परवीन एलोपैथिक दवाएं देती मिली। इस पर उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। बेबी हेल्थ केयर क्लिनिक पर डॉक्टर नही मिले और स्टाफ भी ट्रेंड नही मिला। इसी तरह सिंधौली स्थित ऑल ओसियन हॉस्पिटल के डॉ. तालिब अली और बेग अस्पताल के डॉ. शिफत को भी बीयूएमएस की डिग्री होने के बावजूद एलोपैथिक पद्धति से उपचार करने पर नोटिस दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जीवन हेल्थ केयर अस्पताल की व्यवस्थाओं की भी जांच की। खामियां मिलने पर अस्पताल के डॉ. सत्यवीर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संबंधित अस्पतालों और चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
