बरेली। भगवान शिव को मानने की वजह से जमीला के पति ने उसे प्रताड़ित किया और फिर तीन तलाक दे दिया। बाद में ससुरालियों ने पीटकर घर से निकाल दिया। मायके पहुंचने के बाद गांव के ही प्रकाश रविदास ने उनका हाथ थामा और बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में सात फेरे ले लिए। जमीला ने खुद का नाम ज्योति रख लिया है। कहा उनकी भगवान शंकर में आस्था है, जो वो नहीं छोड़ सकती। झारखंड के बोकारो के लोधी नीच टोला निवासी जमीला खातून के मुताबिक उनकी भगवान शिव में गहरी आस्था थी। वह घर में चुपचाप शिव की पूजा करती थी। जब उसके शौहर (पति) और ससुराल वालों को इसका पता चला तो विरोध शुरू हो गया। इसके बाद हजारीबाग के चानो निवासी प्रकाश रविदास जमीला के साथ खड़े हुए। दोनों के बीच पहले से बातचीत थी, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों ने तय किया कि वह शादी का जीवन यापन करेंगे। स्थानीय लोगों के विरोध के चलते दोनों बरेली आए और यहां वह अगस्त्य मुनि आश्रम के पंडित केके शंखधार के यहां पहुंचे। पंडित केके शंखधार ने जमीला का शुद्धिकरण कराया और मंत्रोच्चारण के साथ ही जमीला ने अपना नाम ज्योति रख लिया। इसके बाद दोनों ने सात फेरे लिए। जमीला का कहना है कि भगवान शिव में उनकी आस्था है जो हमेशा रहेगी।।
बरेली से कपिल यादव
