बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुसलमानों से भाजपा के विरोध की राजनीति खत्म करने की अपील की है। उन्होंने समुदाय से सकारात्मक सोच अपनाने और अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि तथाकथित सेक्युलर पार्टियां, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा), मुसलमानों को गुमराह कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस राजनीति से मुसलमानों को नुकसान हुआ है, जबकि इन पार्टियों को सीधा फायदा मिला है। मौलाना रजवी ने कहा कि पिछले दस साल से मुसलमान भाजपा के विरोध की राजनीति करते रहे हैं। इस दौरान सपा व अन्य सेक्युलर पार्टियों के उकसाने पर मुसलमान भाजपा के खिलाफ एकजुट होते रहे। इसका सीधा लाभ समाजवादी पार्टी को मिला, जबकि मुसलमान हाशिये पर धकेल दिए गए। उन्होंने जोर दिया कि अब मुसलमानों को अपने नजरिए में बदलाव लाना होगा। मौलाना रजवी ने कहा कि 2017 से अब तक भाजपा के विरोध की राजनीति ने मुसलमानों को बहुत पीछे कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस नकारात्मक राजनीति ने समुदाय के विकास के पहिए को जाम कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेक्युलर पार्टियों ने मुसलमानों को भाजपा के खिलाफ उग्र प्रदर्शनों के लिए मजबूर किया। इसके परिणामस्वरूप मुसलमानों को लाठियां खानी पड़ीं और जेल जाना पड़ा, जबकि सपा के नेता राजनीतिक लाभ उठाते रहे। मौलाना रजवी ने समाजवादी पार्टी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के नेता मुसलमानों को भाजपा के मंत्रियों या विधायकों को शादी जैसे कार्यक्रमों में बुलाने पर बहिष्कार की धमकी देते हैं। वहीं, उन्होंने याद दिलाया कि मुलायम सिंह यादव ने कल्याण सिंह के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। उन्होंने भाजपा के कई लोगों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया, जिसमें आजम खां भी मंत्री रहे और उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। मौलाना रजवी ने यह भी कहा कि मुलायम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कई बार दुआएं कीं और अखिलेश यादव भी रात के अंधेरे में भाजपा नेताओं से मिलकर अपनी कार्यसूची तय करते हैं।।
बरेली से कपिल यादव
