रहपुरा जागीर के किसानो के धरने का पूर्व सांसद ने किया समर्थन, चकबंदी अफसरों ने कैंसिल किए पट्टे, हाईकोर्ट ने लगाया स्टे

बरेली। जिले की तहसील मीरगंज क्षेत्र के गांव रहपुरा जागीर मे 850 बीघा जमीन पर भूमाफिया का कब्जा हटवाने के लिए किसान पिछले दो दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे है। मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस के अफसर मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों से धरना समाप्त करने के लिए कहा। इसके साथ ही नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन किसानों ने कार्रवाई होने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। चकबंदी अधिकारी ने कुछ किसानों को अपने कार्यालय बुलाया और बैठकर बातचीत करने के लिए कहा है। इसी दौरान मौके पर पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन भी किसानों के समर्थन मे आए। उन्होंने न्याय मिलने तक किसानों का साथ देने की बात कही है। किसानों ने प्रशासन से मिले आश्वासन को मात्र दिलासा माना है और धरना प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया। बही उन जमीनों पर रहने वाले सरदार अपने बैनामा को लेकर हाईकोर्ट की शरण मे गए। हाईकोर्ट ने चकबंदी अधिकारियों के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। रहपुरा जागीर मे सरकारी जमीन पर कब्जे की लड़ाई इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गई। चकबंदी अधिकारियों ने पट्टों के दस्तावेज को फर्जी बताते हुए कैंसिल कर किया था। हाईकोर्ट ने चकबंदी अधिकारियों के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। चकबंदी अधिकारियों से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। उधर, सरकारी जमीन को आजाद कराने की मांग को लेकर दामोदर स्वरूप पार्क में बेमियादी धरना दे रहे है। पिछले महीने चकबंदी और राजस्व विभाग की टीमों ने सरकारी जमीन की पैमाइश की थी। रहपुरा में फर्जी दस्तावेज के जरिए करीब 47 साल पहले पट्टे कराए थे। पट्टे की जमीनों को बेच दिया गया। चकबंदी अफसरों ने मूल पट्टों को फर्जी बताते हुए कैंसिल कर करीब 450 बीघा जमीन ग्राम समाज में दर्ज कराई थी। जमीन पर काबिज लोगों ने चकबंदी अधिकारियों के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। हाईकोर्ट ने चकबंदी अधिकारियों के आदेश पर रोक लगा दी। मंगलवार को धरने दे रहे लोगों को समझाने के लिए चकबंदी अधिकारी पहुंचे। हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी दी। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश जिन जमीनों पर है उनको छोड़कर बाकी से कब्जा हटवाना चाहिए। एसओसी चकबंदी पीसी द्विवेदी ने बताया कि हाईकोर्ट ने स्टे कर दिया है। जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।।

बरेली से कपिल यादव

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