राजस्थान/बाड़मेर- मूल ओबीसी एकता मंच के तत्वावधान में भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। महात्मा ईश्वर दास चारण छात्रावास के परामर्शदाता और चारण समाज के प्रतिनिधि एवं अध्यक्ष तेज दान देथा खारोड़ा ने बताया कि भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा,प्रतियोगी परीक्षाओं, खेल, कला,संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा।
मंच के संरक्षक सांगा राम जांगिड़ ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान समाज के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान है। समाज में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है।
जिला अध्यक्ष भाखर सिंह सोनडी ने कहा कि यह समारोह समाज की एकता, संगठन और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बनेगा तथा सभी समाजों के सहयोग से इसे ऐतिहासिक स्वरूप दिया जा रहा है।
कार्यक्रम संयोजक अधिवक्ता बलराम प्रजापत ने बताया कि सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्राप्त ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदनों का निष्पक्ष परीक्षण कर सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं का चयन किया गया है।
युवा मोर्चा अध्यक्ष जुंजार सिंह परमार ने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, खेल एवं सामाजिक नेतृत्व के प्रति नई प्रेरणा का संचार करेगा तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करेगा। साथ ही परमार ने समाज के सभी वर्गों, भामाशाहों, सहयोगकर्ताओं एवं मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया जाएगा। समारोह में परम पूज्य गोविन्द वल्लभदासजी महाराज एवं संत बाल भारती महाराज का पावन प्राप्त होगा।
इसके अलावा विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सांगाराम जांगिड़, मदनसिंह इन्दा, मोहनलाल शेरा, पद्मश्री अनवर खान, लालसिंह राईका, राम कुमार वर्मा, रमेश कुमार शर्मा, डॉ. बिहारीलाल दर्जी, तनसिंह देथा, रमेश कुमार मांकड़, कर्नल अवतार राम सेन, अशरफ अली तेली, छगनलाल गोयल, कमलसिंह तंवर, धनापुरी गोस्वामी तथा वरिष्ठ अधिवक्ता पुरुषोत्तमदास सोलंकी सहित अनेक प्रशासनिक, न्यायिक, सैन्य एवं सामाजिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहेंगी।
मूल ओबीसी एकता मंच ने बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर सहित समस्त मूल ओबीसी समाज, सामाजिक संगठनों, भामाशाहों एवं नागरिकों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। मंच का कहना है कि यह आयोजन केवल प्रतिभाओं का सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक एकता का एक ऐतिहासिक अभियान है।
— राजस्थान से राजूचारण
