बरेली। गांधी उद्यान के पास बनी मल्टीलेवल कार पार्किंग अब नगर निगम और बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी के लिए सवाल बन गई है। करोड़ों रुपए खर्च कर तैयार की गई इस पार्किंग से जहां नगर निगम को राजस्व मिलने की उम्मीद थी,वहीं अब कीमती उपकरणों की चोरी का मामला सामने आया है। मोटर वायर, स्टार्टर, मोटर कवर और स्टील पाइप रेलिंग जैसे सामान चोरी हो गए। घटना को आठ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी न चोरों का पता चला और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई। गांधी उद्यान के पास स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई थी। इस पर करीब दो से तीन करोड़ रुपए खर्च हुए। पार्किंग के लिए नगर निगम की कीमती जमीन का भी इस्तेमाल किया गया। इसके संचालन का ठेका सत्य साईं कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। हालांकि,पार्किंग से नगर निगम और स्मार्ट सिटी कंपनी को अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिल सका। पार्किंग में लगाए गए मोटर वायर,स्टार्टर, मोटर कवर और स्टील पाइप रेलिंग सहित अन्य कीमती सामान चोरी हो गए। ठेकेदार ने चोरी की जानकारी संबंधित अधिकारियों को नहीं दी और न ही उसकी ओर से अभी तक एफआईआर दर्ज कराई गई। मामले में पार्किंग के सुपरवाइजर ने कोतवाली मे अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर जरूर दी थी। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि पार्किंग उपकरण चोरी के मामले में जांच कराई जा रही है। टीम को इसमें लगाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग दूसरे को देने की चर्चा के बीच चोरी : नगर निगम ने गांधी उद्यान में कॉमर्शियल एरिया को निजी कंपनी को सौपा। यहां कैफे के साथ पार्किंग का ठेका दिया ठेकेदार को दिया था। इससे नगर निगम को सालाना साढ़े चार लाख में आमदनी हो रही थी। जब पार्किंग का संचालन दूसरे पक्ष को सौंपने की बात उठी,तब ठेकेदार की भूमिका और व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे। इस दौरान सांठगांठ भी हुई। पार्किंग से उपकरण चोरी होने के मामले मे आठ महीने से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद अब तक चोरों का पता तक नहीं लगा है। चोरी कैसे हो गई सीसीअीवी कैमरों तक नहीं लगे। केयरटेकर ठेकेदार ने सारे सबूत मिटा दिए। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए की लागत से बनी पार्किंग में लगे कीमती उपकरणों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और चोरी के बाद जवाबदेही तय करने के लिए क्या कदम उठाए गए।।
— बरेली से कपिल यादव
