बरेली। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से रविवार को वनमंत्री डॉ. अरुण सक्सेना को ज्ञापन सौंपकर विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। व्यापारियों ने कहा कि बजट और सामग्री होने के बावजूद जिले की बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। आए दिन अघोषित कटौती हो रही है। अधिकारी और कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते हैं। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र रस्तोगी का कहना है कि हल्की बारिश होने पर ही दस से 12 घंटे की बिजली कटौती हो जा रही है। पूछने पर अक्सर बताया जाता है कि दोहना से आ रही 33 केवीए लाइन में फॉल्ट है लेकिन फॉल्ट कहां है यह नहीं बताया जाता है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि विद्युत अधिकारी जनता के बीच अपना विश्वास खो चुके हैं। ऐसे में व्यापार मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से अपील की है कि किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से जांच कराई जाए कि 33 केवीए की लाइन में कहां पर और कैसे फॉल्ट आया। बिजली निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को हर हाल में जनता के फोन का जवाब देने और समुचित नराकरण कराने का निर्देश दिया जाए। साथ ही प्रत्येक अभियन्ता का एक व्हाटसअप ग्रुप बनवाया जाये, जिसमें क्षेत्र के सम्भ्रान्त एवं जिम्मेदार लोगो को जोड़ा जाए। यदि कहीं कोई बिजली कटौती होनी है तो उसका पूरा विवरण ग्रुप में डाला जाये। साथ ही अघोषित कटौती बंद की जाए। व्यापारियों का कहना है कि यदि एक सप्ताह में व्यवस्थाओं में सुधार नही किया गया तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में अंकुर सक्सेना, संजय आनंद, मुकेश सिंघल, सिरज अली, अरुण भसीन, संजय गर्ग, अभय अग्रवाल, राजगोपाल खट्टर, मनीष रस्तोगी, वीरेश पाल सिंह आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
