बवाल की बजह बनने वाला पत्र बरामद, चार घंटे तक रिमांड पर रहा नदीम

बरेली। शहर मे 26 सितंबर को हुए बवाल से जुड़े एक अहम मामले में पुलिस ने मौलाना तौकीर के करीबी और आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खान को रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वह पत्र भी बरामद किया है। जिसमें उसने लियाकत के फर्जी हस्ताक्षर किए थे और बाद मे उसे फर्जी बताकर वायरल कर दिया। जिसके चलते बरेली में बवाल हो गया। आपको बता दें कि 26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर इस्लामिया ग्राउंड जाने की कोशिश कर रही भीड़ ने बवाल कर दिया था। इसको लेकर शहर के पांच थानों मे दस मुकदमे दर्ज कराए गए। बवाल से पहले 25 सितंबर की रात पुलिस प्रशासन को गुमराह करते हुए एक पत्र दिया गया, जिसपर नफीस खां, नदीम खां और फरीदापुर चौधरी निवासी लियाकत के हवाले से 26 सितंबर के आह्वान को निरस्त करने की बात कही गई थी। मगर 26 सितंबर को सुबह नदीम ने इस पत्र को फर्जी बताकर वायरल किया। जिससे भीड़ इस्लामिया ग्राउंड जाने की कोशिश करने लगी और बवाल हो गया। इस मामले में लियाकत की ओर से नदीम व नफीस के खिलाफ अपने फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप मे रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शनिवार को नदीम को रिमांड पर लेकर उसके घर से यह पत्र बरामद कर लिया। कोतवाली पुलिस ने सात घंटे के लिए नदीम की रिमांड मांगी थी लेकिन कोर्ट से चार घंटे की अनुमति मिली। इस दौरान साये की तरह वकील नदीम के पीछे लगे रहे। पुलिस ने रिमांड पर लेकर उसका मेडिकल कराने के बाद जेल मे दाखिल कर दिया। इस दौरान उससे करीब एक घंटे तक पूछताछ भी गई। एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में नदीम ने कई अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। अब उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। उसे जेल से सुबह दस बजे रिमांड पर लेकर दोपहर दो बजे वापस दाखिल कर दिया गया। नदीम के मेडिकल के लिए जिला अस्पताल पहुंचने के दौरान अफवाहों का बाजार गर्म हो गया और लोग तरह-तरह की चर्चा करने लगे। मगर पुलिस इससे निपटने के लिए पहले से ही तैयार थी, जिसके चलते एसपी सिटी के नेतृत्व में दो प्लाटून पीएसी, दो सीओ, दो इंस्पेक्टर और अन्य फोर्स की ड्यूटी लगाई गई थी।।

बरेली से कपिल यादव

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