तेंदुए के लिए दूसरे दिन भी भिंडी के खेत में चली सर्चिंग, नहीं मिला कोई सुराग

*चप्पे चप्पे की तलाशी दमोह जिले के जंगल की ओर भागने की संभावना दमोह की ओर से आ सकता है तेंदुए

मध्यप्रदेश/जबलपुर -पाटन वन परिक्षेत्र में ग्राम उड़ना से लगे हुए मेंढीझामर गांव में मंगलवार की सुबह एक तेंदुए ने खेत से भिंडी तोड़ रहे वृद्ध और महिला एक अन्य पर हमला कर दिया था ग्रामीणों को आंशका थी कि करीब एक एकड़ में लहलहा रही फसल के बीच में तेंदुआ छिपा है इस आंशका के चलते वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने बीती रात व आज पूरे दिन खेतों में सर्चिंग की लेकिन तेंदुआ नहीं मिला उधर रेस्क्यू टीम का मानना है कि रात के अंधेरे में तेंदुआ दमोह के सत्ताइस मील की ओर जंगल की ओर चला गया है ज्ञात हो कि मंगलवार को मेंढीझामर गांव में कमल कुशवाहा के खेत में बनी प्रसाद और लक्ष्मी कुशवाहा नामक महिला खेत में भिंडी तोड़ रहे थे उसी दौरान अचानक पीछे से तेंदुए ने उन पर हमला कर घायल कर दिया था इस घटना की जानकारी लगने पर वन विभाग का अमला रेस्क्यू के लिए पहुंचा था रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि खेत में लगी फसल घनी होने के कारण तेंदुआ खेत में ही छिपा हुआ है इस आशंका के चलते आज सुबह से ट्रैक्टर के जरिए पूरे खेत में सर्चिंग अभियान चलाया गया लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं लगा

आसपास के गांवों में मुनादी

तेंदुए के मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग द्वारा उड़ना व उससे लगे हुए आसपास के करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों में मुनादी पिटवाई गई है वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने व तेंदुए की आहट होने पर तत्काल सूचना देने की अपील ग्रामीणों से की जा रही है इसके अलावा पेट्रोलिंग टीमें भी लगाई गई है

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य और सत्ताइस मील के जंगल की ओर रुख

वन विभाग सूत्रों का दावा है कि तेंदुए हमले के बाद जिस और भागा था उससे यह संभावना नजर आ रही है कि वह दमोह तेन्दूखेड़ा 27 मील के जंगल में पहुंच गया है और वहां से नौरादेही अभ्यारण्य और रानी दुर्गावती अभ्यारण्य का जंगल भी लगा हुआ है वही ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग व पुलिस टीम की तैनाती की गई है जो कि सतत रूप से निगरानी में जुटी है
रानी दुर्गावती अभ्यारण्य और तेन्दूखेड़ा क्षेत्र के जंगल से आया है तेंदुआ
सूत्रों की माने तो पाटन क्षेत्र में तेंदुआ दमोह जिले की ओर से आ सकता है क्योंकि इस और तेन्दूखेड़ा का जंगल लगा हुआ है जहां पर तेंदुए देखे जा चुके हैं साथ ही रानी दुर्गावती अभ्यारण्य भी लगा हुआ है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस और तेंदुआ दमोह जिले की ओर से ही आया है साथ ही नौरादेही अभ्यारण्य का भी क्षेत्रफल आता है जिससे यह पूरा दमोह जिला तेंदुए के लिए जाना जाता है जिससे उम्मीद जताई जा सकती है कि पाटन मैं तेंदुआ दमोह जिले से ही आया है जो की हमला करने के बाद वापस दमोह की ओर लौट कर चला गया है पानी की तलाश में जंगली जानवरों का अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में रुख होता है जो पाटन से लगी हुई हिरण नदी की ओर पानी की तलाश में आकर इस तरफ जा पहुंचा है।

– अभिषेक रजक,जबलपुर

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