बरेली। जिला सहकारी बैंक में 60 फीसदी स्टाफ घटाकर काम दोगुना होने से कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों ने वसूली के नाम पर फील्ड में घुमाने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा नया वेतनमान लागू करने जैसे मुद्दे रविवार को मुख्यालय सभागार में आयोजित साधारण आम सभा में जिला सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने उठाए। मांगें पूरी नहीं होने पर संगठनात्मक कार्रवाई अमल में लाने की चेतावनी बैंक प्रशासन को दी। को-आपरेटिव बैंक्स स्टाफ एसोसिएशन के उप महामंत्री एवं बरेली यूनिट के जिला मंत्री सोहन कुमार गुप्ता ने बताया कि तकरीबन 60 प्रतिशत तक बैंक में स्टाफ कम कर दिया गया है। पहले जिला सहकारी बैंक में कुल 215 कर्मचारी काम करते थे, बाद में मानव संसाधन नीति के तहत कर्मचारियों की संख्या घटा कर 150 कर दी गई, मगर मौजूदा हालत ये हैं कि बैंक में महज 87 कर्मचारी बचे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी तो कम कर दिए गए लेकिन काम कई गुना अधिक होने के कारण समय से पूरा नहीं हो पाता। सारा काम शाखाओं पर थोपा जाता है। उन्होंने बताया कि बैंक से सोसाइटियां भी जुडी हैं। जिनकी देख-रेख विभागीय अधिकारी करते हैं। बकाया वसूली का काम विभाग का है। मगर बैंक मुख्यालय शाखा स्तर पर कर्मचारियों को वसूली के नाम पर फील्ड में भेज रहा है। बैंक प्रबंधन ने 2021 व 2026 में लगा नया वेतनमान कर्मचारियों को नहीं दिया है। सामान्य वेतन वृद्धि एवं डीए आदि बैंक के हालात खराब दिखाकर रोक दिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों को उनके वाजिब देयों का भुगतान नहीं हुआ तो संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विनय दीक्षित, नीरज कुमार, संजय राय, कुमार कार्तिकेय, अंशुमान बाजपेई, सुमित तोमर, सुनन्द भरद्वाज, संजीव कुमार अशीष कुमार, अतुल कुमार सिंह, मोहित कुमार आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
