कलेक्ट्रेट बैंक शाखा में बुजुर्गों से कर्मचारियों द्वारा मनमानी उचित नहीं, सद्व्यवहार की जरूरत

बाड़मेर /राजस्थान- जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एसबीआई के कर्मचारियों और अधिकारियों के व्यवहार से आमजन आजकल ज्यादातर परेशान हैं। अपने लेन देन सहित बैंक में आने वाले लोगों का आरोप है कि आए दिन बदलते नियमों और उनके बारे में आने वाले ग्राहकों को सही सूचना नहीं देना और फिर जानकारी के लिए पूछते ही झल्लाकर जवाब देना, यह बैंककर्मियों के स्वभाव में शामिल हो गया है। सबसे ज्यादा शिकायतें आजकल एसबीआई के कर्मचारियों को लेकर हैं। एक मामले में रिटायर्ड कर्मचारियों ने बैंककर्मियों की उच्च अधिकारियों को शिकायत करने से पहले ही बैंक स्टाफ़ को जमकर लताड़ा l उन्होंने बताया मैं पेंशनर होने से आए दिन बैंक में आता-जाता हूं। मेरे बेटे की उम्र के बैंक कर्मचारियों ने सही बर्ताव नहीं किया और हमारे को संतोषप्रद जवाब भी नहीं दिया। इधर से उधर काउंटर पर बार बार भेजा तथा मैं बैंक का नियमित ग्राहक हूं। कलेक्ट्रेट शाखा में बैंक कर्मचारियों का व्यवहार हमेशा से आमजन के लिए ऐसा ही रहता है।

रमेश चावड़ा ने बताया कि इसकी शिकायत बैंक प्रबंधक एवं क्षेत्रीय बैंक प्रबंधक को लिखित में भेजना चाहिए। साथ ही सूचना के अधिकार के तहत सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व बैंक नियम आदि दस्तावेज की मांग करना चाहिए। बैंक के उच्च अधिकारियों से अनुरोध किया है कि बैंक अपने कर्मचारियों को ग्राहकों के साथ सही व्यवहार करने का समय समय पर प्रशिक्षण जरूर देना चाहिए ।

बैंक के बाहर बी एल शर्मा ने बताया कि पहले बहुत शानदार बैंक था और लगभग पचास हजार से अधिक खातेदार – कोरोना भड़भडी से पहले स्टेट बैंक आफ बीकानेर एण्ड जयपुर बैंक एसबीआई शाखा में मर्ज होने के बाद कलेक्ट्रेट शाखा में काम का दबाव बढ़ गया। यहां वर्तमान में करीब पचास हजार से अधिक खातेदार हैं। एटीएम व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सहित लगभग करोड़ों का लेन-देन होता है साथ ही बैंक में एक दर्जन से ज्यादा का स्टाफ मौजूद है।

शिवनारायण माली ने बताया बैंकों में एक काउंटर पूछताछ केंद्र के रूप में होना चाहिए वही पर बैक आने वाले ग्राहकों को सही जानकारी देने के लिए ताकि इधर उधर भटकना नहीं पडेगा।

सरकारी नौकरियां से सेवानिवृत्त महिला ओर पुरुष बुजुर्गों ने बताया तीन दिन से बैंक पासबुक में इंट्री करवाने के लिए भटक रहा हूं। बैंक कर्मचारी इस काउंटर से उस काउंटर भेज देते हैं। कोई सही जवाब नहीं देता। कभी बोलते हैं भीड़ है। कभी बताते हैं दोपहर को एक बजे पहले आओ। कभी कहते हैं कि ऑटोमेटिक एंट्री मशीन लगी है उससे कर लो। अब हमें मशीन चलाना नहीं आती और इस पर बार कोड क्या होता है यह हमारे को नहीं मालूम ऐसे में डायरी एंट्री कैसे करें।

राजधानी से बैंक अधिकारी ने बताया कि बैंक में आने वाले ग्राहकों को हमारे बैंक कर्मचारियों के व्यवहार सुधारने तथा ग्राहकों को संतोषप्रद जवाब मिले इस बारे में हम संबंधित बैंक प्रबंधकों को पत्र जारी करेंगे और इस सम्बन्ध में क्षेत्रीय प्रबंधक से भी बात करेंगे और ग्राहकों के लिए बैंकों में कैश लेनदेन, ट्रांजेक्शन व पासबुक एंट्री जैसे काम के लिए मशीनें लगा दी गई हैं। आईटी व इन आधुनिक साधन, संसाधनों के नाम पर बैंककर्मी काम से कन्नी नहीं काटेंगे। ये सुविधाएं युवा, शिक्षक वर्ग और नियमित ग्राहकों के लिए हैं। कम शिक्षित, बुजुर्ग व कभी-कभी वाले ग्राहक इनका उपयोग नहीं कर पाते हैं। साथ ही जो ग्राहक नए हैं उन्हें नियमों के बारे में बताया नहीं जा रहा था। पहली बार आने वाले ग्राहक को इन मशीनों से लेनदेन, ट्रांजेक्शन आदि का समय समय पर प्रशिक्षण देना होगा ।

– राजस्थान से राजूचारण

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