नवाबगंज, बरेली। टेंपो चालक का अपहरण महज ड्रामा निकला। पुलिस ने उसे अमरोहा जिले के गजरौला क्षेत्र से सकुशल तलाश लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ऑनलाइन गेम में पांच लाख रुपये गंवाने के बाद वह कर्ज में डूब गया था। इससे परेशान होकर वह खुद घर छोड़कर चला गया। रिछोला किफायतुल्ला गांव निवासी जावेद अख्तर शुक्रवार दोपहर एक दोस्त से मिलने की बात कहकर घर से निकला था। देर शाम तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात में जावेद के मोबाइल से उसके दोस्त कमरुद्दीन को मेसेज मिला कि वह कहीं फंस गया है और जल्द घर लौट आएगा। रात साढ़े 12 बजे उसके छोटे भाई चांद बाबू के मोबाइल फोन पर 40 हजार रुपये भेजने का मेसेज आया। कुछ देर बाद एक बैंक खाते का नंबर भेजकर उसमें रकम जमा कराने के लिए कहा गया। इससे परिजनों को अपहरण की आशंका हुई। जावेद की मां रईस बानो ने नवाबगंज थाने में तहरीर दी तो रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया। जांच में लोकेशन गजरौला थाना क्षेत्र में मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची और जावेद मिल गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे ऑनलाइन गेम खेलने की लत है। गेम में लगातार रकम हारने के बाद उसने कई लोगों से उधार लेकर भी खेला। इससे उस पर लगभग पांच लाख रुपये का कर्ज हो गया। एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि अपहरण जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। युवक ऑनलाइन गेम में पैसे गंवाने के कारण कर्ज में डूब गया था। वह परिजनों से रुपये मांगने के कहानी रची थी।।
बरेली से कपिल यादव
