बरेली। जनपद के प्रतिष्ठित न्यूरो सर्जन व नारायणा अस्पताल के मालिक डॉ. मुकुल अग्रवाल से ठगी कर ली गई। उन्हें एमजी मोटर्स की स्थानीय एजेंसी दिलाने के नाम पर एक बिचौलिये ने साइबर ठगी कर ली। एजेंसी दिलाने के नाम पर दो लाख 85 हजार 700 रुपये खाते में डलवाए गए। धोखाधड़ी का अहसास होने पर डॉक्टर ने स्थानीय बैंक शाखा से नोएडा की संबंधित बैंक शाखा को मेल कराया गया। बावजूद यह राशि जालसाजी से आरोपी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई। उन्होंने एसएसपी से मामले की शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने कोतवाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताते हैं कि डॉ. मुकुल अग्रवाल का पीलीभीत रोड पर बड़ा प्लॉट है। उन्होंने अपने इंजीनियर बेटे को यहां ऑटोमोबाइल एजेंसी दिलाने के लिए एमजी मोटर प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था। एजेंसी लेने के लिए आवेदन पर कंपनी के प्रतिनिधि बताए जा रहे राजीव सिन्हा ने दो जून को एक एलओआई (लेटर ऑफ इंटेंट) भेजा। इसके बाद प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में दो लाख 85 हजार 700 रुपये जमा करने के लिए बैंक विवरण दिया। यह राशि नोएडा की बैंक के एक खाते में भेजी गई। दस्तावेज की पूरी जांच के बाद डॉ. मुकुल अग्रवाल को पता चला कि उन्हें गुमराह करके जालसाज ने रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए हैं। उन्होंने तुरंत पंजाब नेशनल बैंक, सिविल लाइंस के माध्यम से तीन जून को नोएडा की निजी बैंक शाखा को मेल करके उस खाते को होल्ड करने के लिए सूचित किया। हालांकि मेल भेजने के बाद भी बैंक ने खाते को होल्ड नहीं किया और रकम निकासी करवा दी गई।।
बरेली से कपिल यादव
