बरेली। जनपद के थाना बारादरी पुलिस ने रविवार को बड़े हवाला रैकेट का खुलासा किया। हवाला कारोबार से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ इनके पास से 35 लाख नकद बरामद किया गया। पुलिस को पकड़े गए आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड भी मिले। देश के कई राज्यों तक हवाला नेटवर्क फैला हुआ था। पुलिस को इनकी भनक उस वक्त लगी जब फर्जी कंपनी के बैंक खाते मे 1500 के आसपास ट्रांजेक्शन कर उसमें 4.50 करोड़ रुपये आने का मामला पकड़ मे आया। एसएसपी अनुराग आर्य ने रविवार को इस मामले का खुलासा किया। एसओजी और थाना बारादरी पुलिस को अवैध लेनदेन की सूचना मिली थी। पुलिस ने मोहल्ला माधोबाड़ी में कार्रवाई कर हजियापुर निवासी जमीर अहमद और राजस्थान के बीकानेर व वर्तमान निवासी माधोबाड़ी, थाना बारादरी जगदीश चोटिया को पकड़ा। जांच में पता चला कि आरोपियों ने ‘केजीएन’ नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इसका कार्यालय पीलीभीत बाईपास सड़क पर था और यह केवल संदिग्ध लेनदेन के लिए उपयोग होती थी। जमीर ने बताया कि उसने दुबई के अली जीशान के कहने पर मोईन अली के नाम पर कंपनी खुलवाई। कंपनी के खाते में धनराशि जमा कर टोकन प्रणाली से हवाला कारोबार किया जाता था। जगदीश चोटिया पिछले चार वर्षों से हवाला कारोबार मे सक्रिय है। वह दिल्ली के चांदनी चौक के संपर्कों से रकम पहुंचाता था। पुलिस मोईन अली, लालचंद और धम्माराम सहित दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। आरोपियों ने केजीएन नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इसका बैंक खाता संदिग्ध लेनदेन के लिए संचालित किया जा रहा था। कंपनी का कार्यालय पीलीभीत बाईपास सड़क स्थित आशुतोष सिटी क्षेत्र में था। जांच में सामने आया कि कंपनी का कोई वास्तविक व्यापारिक कार्य नहीं था। इसका उपयोग केवल अवैध धनराशि के लेनदेन के लिए होता था। एसएसपी ने बताया कि जीशान अली पूरे मामले में वांछित है, उसने आरोपियों को इस काम में लगाया था। पैसा किन-किन लोगों को पास पहुंचा और किन गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ व दिल्ली के व्यापारियों की क्या भूमिका रही इसको लेकर जांच की जाएगी। स्पेशल टीम का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों तक इनका नेटवर्क फैला हुआ है, जिसमें बिहार, पश्चिम बंगाल, असम जैसे राज्यों से कैश बैंक खातों में डाला गया है, जिसको आरोपियों ने निकालकर हवाला के जरिए इधर से उधर किया।।
बरेली से कपिल यादव
