बरेली। भीषण गर्मी के बीच हो रही कटौती से उपभोक्ता जहां परेशान होता हैं। वहीं उपभोक्ताओं से लेकर बिजली निगम के अधिकारी जनप्रतिनिधियों का भी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। मंत्री और विधायकों का फोन नहीं उठाना चार अफसरों को महंगा पड़ गया है। बरेली के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता नगरीय धर्मेंद्र कुमार सिंह ने ऐसे लापरवाह दो अवर अभियंताओं को परिनिंदा प्रविष्टि देते हुए अन्य दो अवर अभियंताओं को अंतिम चेतावनी पत्र दिया है। शनिवार को अधीक्षण अभियंता नगरीय धर्मेंद्र कुमार सिंह ने तत्कालीन अवर अभियंता मंजीत सिंह और चंद्रमा सिंह को परिनिंदा प्रविष्टि दी। वहीं, 11 केवी एवं एलटी वर्टिकल के तत्कालीन अवर अभियंता साबिर खान और कृष्णकांत को चेतावनी पत्र जारी किया। बता दें कि 23 मई को वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार की अध्यक्षता में हुई बिजली निगम की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने बिजली निगम की जर्जर व्यवस्था की पोल खोलने का काम किया था। सबसे अधिक शिकायतें फोन न उठाने की थी। फोन न उठाने वाले कर्मचारियों पर सभी ने कार्रवाई की मांग भी की थी। मुख्य अभियंता ने अधिक शिकायत वाले अवर अभियंताओं को तुरंत स्थानांतरण कर दिया। वहीं अधीक्षण अभियंता नगर ने परिनिंदा प्रविष्टि दो जेई को व दो जेई को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया है। अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि समयबद्ध निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के फोन नहीं उठाना सरकारी आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
