बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। थाना क्षेत्र के गांव ठिरिया खेतल और मनकरी के पास बहने वाली बहगुल नदी के किनारे हो रहे बेखौफ अवैध खन ने दोनों गांवों के ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। खनन माफिया दिन-रात जेसीबी और लोडरों से नदी किनारे की मिट्टी निकाल रहे है। जिससे नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़कर धारा गांवों की तरफ मुड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में नदी का रौद्र रूप इन गांवों के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। भाकियू नेता और मनकरी निवासी सुधीर बालियान ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर हो रही मिट्टी की निकासी से नदी का बहाव बदल रहा है। पिछले वर्ष नदी के कटान से पिपरिया और कनपुर क्षेत्र को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। अब वही खतरा ठिरिया खेतल और मनकरी के सामने मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे गहरे गड्ढे किए जा रहे हैं, जो बाढ़ के समय नदी का पानी सीधे आबादी की तरफ मोड़ देंगे। अवैध खन और भारी वाहनों की आवाजाही से ठिरिया खेतल स्थित प्रसिद्ध भट्टा वाले महाराज मंदिर तक जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क पर धूल, गहरे गड्ढे और उखड़ी मिट्टी के कारण श्रद्धालुओं, महिलाओं और बुजुर्गों का मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। भाकियू कार्यकर्ताओं मे ठिरिया खेतल निवासी अजीम, मनकरी के विशाल पाल, विवेक सिंह, द्वारका पाल, पूरन लाल, सर्वजीत सिंह, प्रेमवती ‘गुड़िया’ समेत दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खन तत्काल बंद कराने, नदी किनारे की पैमाइश कराने और कटान प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बरसात में कई गांव कटान की जद में आ जाएंगे। ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में रोष है।।
बरेली से कपिल यादव
