बरेली। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के उद्देश्य से औषधि विभाग और केमिस्ट एसोसिएशन की बैठक में दवा व्यवसाय को जवाबदेह बनाने व जन-जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। दवा माफियाओं और झोलाछापों पर नकेल कसने के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। सहायक आयुक्त औषधि संदीप कुमार ने कहा थोक दवा विक्रेता केवल वैध लाइसेंसधारियों को ही पक्के बिल के साथ दवाओं की बिक्री करेंगे। कोई थोक व्यापारी किसी झोलाछाप या बिना लाइसेंस वाले व्यक्ति को दवा सप्लाई करता पकड़ा गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। जिन दुकानदारों के पास लाइसेंस हैं लेकिन वे दुकान संचालित नहीं कर रहे हैं, उन्हें लाइसेंस सरेंडर करने होंगे। अवैध गर्भपात को रोकने के लिए विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिना डॉक्टर के पर्चे के एमटीपी किट बेचना संगीन अपराध माना जाएगा। इसके अलावा, दवाओं के अवैध भंडारण को रोकने के लिए सभी गोदामों का पंजीकरण कराने और मेडिकल स्टोरों पर सुरक्षा व पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विभाग को आश्वस्त किया कि वे इन नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे। बैठक मेंमंडल औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार व अनामिका जैन, केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से दुर्गेश खटवानी अध्यक्ष, राकेश नरूला, किशोर कुमार, मनोज खटवानी, मुकेश कुमार, रवि अग्रवाल, मोहित अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।।
बरेली से कपिल यादव
