बरेली। अवैध पैथोलॉजी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का रवैया कई सवाल खड़े कर रहा है। बीते कई दिनों से अवैध पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट वायरल होने के बाद अधिकारियों ने चेकिंग तो की लेकिन किसी पैथोलॉजी संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इस बीच भोजीपुरा के पते पर चल रही दो और पैथालाजी की रिपोर्ट वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। इन दोनों रिपोर्ट पर भी किसी पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर नही है। भोजीपुरा में अवैध रूप से संचालित हो रही पैथोलॉजी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मझौवा रोड के पते पर जैनब पैथोलॉजी की रिपोर्ट पर डीएमएलटी के हस्ताक्षर हैं। जबकि नियमानुसार डीएमएलटी मरीज को जांच रिपोर्ट नहीं दे सकता। रिपोर्ट पैथोलॉजिस्ट ही बनाता है। भोजीपुरा के ही भुजिया रोड की जीके पैथोलॉजी की रिपोर्ट में भी किसी पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर नहीं है। एक ही इलाके में इतनी बड़ी संख्या में नियमों को ताक पर रखकर पैथोलॉजी सेंटरों का संचालन अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। अवैध पैथोलॉजी संचालकों के मजबूत नेटवर्क का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि बहेड़ी में कार्रवाई करने पर तत्कालीन एमओआईसी पर हमला तक हो गया था। बहेड़ी के तत्कालीन एमओआईसी डॉ. रोहम ने दो पैथोलॉजी सील कर दी थी जो अवैध तरीके से संचालित हो रही थी। सीएचसी से घर जाते समय रास्ते में उन पर हमला हो गया था। इतना ही नहीं, अवैध पैथोलॉजी सील करने के सप्ताह भर में ही उनको सीएचसी प्रभारी पद से हटा दिया गया था।।
बरेली से कपिल यादव
