बरेली। जनपद मे लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) किल्लत के बीच हाईप्रेशर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) लाइन क्षतिग्रस्त होने से एक हजार घरों में करीब 15 घंटे चूल्हा नहीं जला। सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी के ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। सीयूजीएल अधिकारी जितेंद्र गौतम के मुताबिक रविवार रात 1:30 बजे स्मार्ट सिटी के तहत एयरफोर्स रोड स्थित परतापुर के पास सीसी कैमरे की ओएफसी लाइन बिछाने के लिए हॉरिजेंटल डायरेक्शनल ड्रिलिंग मशीन से खोदाई हो रही थी। अत्यधिक दबाव की वजह से हाईप्रेशर लाइन क्षतिग्रस्त होने से रिसाव हुआ। सूचना पर स्थिति नियंत्रण के लिए रात मे टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि सीयूजीएल से बिना अनापत्ति (एनओसी) लिए बिना बताए नगर निगम स्मार्ट सिटी ने काम शुरू कर दिया। इससे गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई और लोगों के जानमाल का खतरा रहा। बताया कि इससे परतापुर, पीरबहोड़ा, नॉर्थ सिटी, कूर्मांचल नगर, आलोक नगर प्रभावित हुए। इन क्षेत्रों में करीब 12 सौ घरों में कनेक्शन हैं, जहां करीब 15 घंटे तक खाना नहीं पका। बिना अनुमति निर्माण कार्य पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के साथ नोटिस थमाई है। पीएनजी कनेक्शन से 80 फीसदी घरों में एलपीजी प्रयोग नहीं होता। लिहाजा, सुबह जब लोगों की आंख खुली तो चाय, नाश्ता, टिफिन, भोजन आदि बनाने को लेकर जूझते रहे।।
बरेली से कपिल यादव
