बरेली। बुधवार रात सीजन की सबसे बड़ी आंधी-तूफान ने जन जीवन को तहस-नहस कर दिया। सड़कों पर 500 पेड़ टूटकर गिर गए, 70 बिजली के खंभे गिर गए। इससे यातायात बाधित हो गया। खंभे और यूनीपोल भी धराशायी हो गए। छतों पर लगे सोलर प्लांट की प्लेटें और टिन शेड उड़ गए। शाहजहांपुर सड़क पर स्थित भारत पेट्रोल पंप की छत उड़ गई। दोहना और बालीपुर बिजलीघर की 33 केवी लाइनों पर जगह-जगह पेड़ टूटकर गिरने से 27 उपकेंद्रों की बिजली गुल हो गई। 24 उपकेंद्रों की आपूर्ति सुचारू कराने का दावा तो हो रहा है, लेकिन अब भी हजारों घरों में अंधेरा छाया है। भीषण गर्मी के बाद बुधवार रात तेज हवा चलने पर लोग राहत पाने के लिए सड़कों और छतों पर निकल आए थे। देखते ही देखते 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी में पेड़, खंभे, यूनीपोल गिरने लगे। सड़कों पर पेड़ और खंभे गिरने से यातायात अवरुद्ध हो गया। बरेली क्लब के सामने से सेटेलाइट की तरफ जाने का रास्ता नहीं था। एडीजी कार्यालय के बाहर सड़क पर पेड़ गिर गया। सीबीगंज थाने में भी पेड़ गिरने से एक सिपाही की बुलेट मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई। पीलीभीत बाइपास, बदायूं सड़क और नैनीताल राजमार्ग सहित कई स्थानों पर यूनिपोल भी गिर गए। इधर, सर्किट हाउस के पास पर पेड़ टूटकर गिर जाने से आवागमन ठप हो गया था। मुख्य डाकघर से स्टेशन रोड का भी यही हाल रहा। पेड़ गिरने से 33 केवी लाइनें टूट गई, जिससे 27 उपकेंद्रों की आपूर्ति रातभर ठप रही। घरों में लगे इन्वर्टर भी ठप हो गए हैं, जिससे लोगों को छतों पर रात गुजारनी पड़ी। बिजली न होने से लोगों को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा। गुरुवार देर रात तक 24 उपकेंद्रों की आपूर्ति सुचारू करा लिए जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन तीन उपकेंद्रों की आपूर्ति सुचारू कराने के लिए मशक्कत की जा रही थी। जगह-जगह 11 केवी और एलटी लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी भी मरम्मत कराई जा रही है। अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्य लाइनें तो सही करा ली गई है। मगर अब भी जगह-जगह 11 केवी और एलटी लाइनों पर पेड़ टूटकर गिरे हुए हैं, उन्हें हटवाकर आपूर्ति सुचारू कराई जा रही है। मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश का कहना है कि दैवीय आपदा से व्यवस्था बिगड़ी है, पूरी टीम लगाकर आपूर्ति सुचारू कराने के प्रयास किए जा रहे है।।
बरेली से कपिल यादव
