बरेली। डीएम ने ज्योरा मकरंदपुर गांव मे करोड़ों की सरकारी भूमि को खुर्द बुर्द करने और अभिलेखों की फोटो कापी के आधार पर प्राइवेट लोगों के पक्ष में अमलदरामद करने के मामले में कड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह को नवाबगंज से हटाकर जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट में सम्बद्ध किया गया है। कानूनगो श्याम सुंदर गुप्ता और लेखपाल रामचंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। नवाबगंज तहसील के ज्योरा मकरंदपुर गांव मे वर्ष 2013 में पट्टे हुए थे। इसमें 16 नंबर पट्टे को लेकर शिकायतें हो रही थी। दो मई को समाधान दिवस पर डीएम नवाबगंज गए थे। उस दौरान ज्योरा मकरंदपुर गांव के प्रधान ने डीएम को शिकायती पत्र देकर उक्त गाटे संख्या के पट्टे की फिर शिकायत की। डीएम ने जांच कराई तो गड़बड़ी सामने आ गई। प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि कूटरचित तरीके से अभिलेखों में फेरबदल किया गया है। धारा 38 के अंतर्गत बिना लेखपाल की रिपोर्ट के कानूनगो ने गलत तरीके से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। तहसीलदार ने भी बिना यथोचित परीक्षण करे प्रकरण को एसडीएम न्यायिक के न्यायालय में भेज दिया और छाया प्रतियों के आधार पर अमलदरामद करा दिया गया। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के साफ निर्देश है कि यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी की सरकारी भूमियों पर अवैध कब्जे के संबंध में संलिप्त पाई जाती है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। दो बार निलंबन की स्थिति में बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। उक्त निर्देशों के क्रम में यह कार्रवाई हुई है।।
बरेली से कपिल यादव
