बरेली। भमोरा सहित 10 गांवों में औद्योगिक कॉरिडोर के लिए 1000 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। किसानों ने जमीन के असमान सर्किल रेट को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। अब अगस्त से पहले सर्किल रेट बढ़ाकर किसानों की आपत्ति का निराकरण किया जाएगा। आंवला तहसील के आलमपुर जाफराबाद ब्लाक क्षेत्र में 1000 हेक्टेयर भूमि पर कॉरिडोर का विकास किया जाना है। बरेली में जमीन की खोज के लिए यूपीडा ने इस वर्ष नौ जनवरी को पत्र भेजा था। पत्र के बाद आंवला तहसील के भमोरा, मकरंदपुर ताराचंदपुर, पखुरानी, कुड्ढा, भीकमपुर, भरताना, हजरतपुर, यूसुफपुर, खुली, चांदपुर मटकी में जमीन चिह्नित की गई है। यह जमीन बरेली-मथुरा हाईवे के समीप, भमोरा से बिलारी वाया आंवला स्टेट हाईवे के दोनों ओर स्थित है। छह अप्रैल को जिला प्रशासन ने जमीन तय कर प्रारंभिक प्रस्ताव यूपीडा को भेज दिया था। अब इन गांवों में असमान सर्किल रेट को लेकर विवाद हो गया है। किसान अपनी जमीन का सर्किल रेट बढाने की मांग कर रहे हैं। बीते दिनों क्षेत्रीय विधायक डा राघवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे, वहां डीएम के साथ उनकी बैठक हुई। डीएम ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि उन्हें जमीन का उचित मुआवजा मिलेगा। किसानों की बगैर सहमति कोई जमीन नहीं ली जाएगी। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि गांव में सर्किल रेट में अंतर है। संबंधित अधिकारियों को गांवों का सर्वे करने का निर्देश दिया है। इसके आधार पर नए सर्किल रेट तय किए जाएंगे। क्षेत्रवासियों से सर्किल रेट को लेकर आपत्ति ली जाएगी। उनका निस्तारण कर नवीन सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे।।
बरेली से कपिल यादव
