बरेली। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तल जिले के सभी शिक्षक संगठनों ने सोमवार की शाम मशाल जुलूस विशप मंडल इंटर कॉलेज से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाला। इस दौरान जिले के सभी शिक्षक संगठनों प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर शिक्षक संघ,यूटा, महिला शिक्षक संघ, टीएससीटी, अटेवा, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ, एससी एसटी शिक्षक संघ, बेसिक शिक्षक एसोसिएशन, शिक्षामित्र संघ, उर्दू शिक्षक संघ ने मिलकर टीईटी के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। शिक्षकों की मांग है कि आरटीई 23 अगस्त 2010 के बाद टेट लागू हुआ है तो उससे पहले के शिक्षकों पर बाध्यता क्यों। नरेश गंगवार ने कहा कि कोई नियुक्ति होती है तो उससे पूर्व नियम लागू किए जाते हैं। अब यह बीच में नियम क्यों लागू किया जा रहे है। भानु प्रताप सिंह ने कहा कि बहुत से शिक्षक ऐसे है जो लगभग 25 वर्ष से विभाग में सेवा दे रहे है। साथ ही शिक्षक ऐसे भी हैं जो इंटरमीडिएट के साथ बीटीसी है वह कैसे इस परीक्षा में बैठ सकते है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कोपाध्यक्ष योगेश गंगवार ने कहा कि मशाल जुलूस के माध्यम से विरोध प्रदर्शन करके टीईटी संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की गई। सत्येन्द्र जैन ने कहा कि मशाल जुलूस के माध्यम से शिक्षक-शिक्षिकायें एकता का प्रदर्शन करके टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आन्दोलन में सहयोगी बनकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे है। मानवेंद्र यादव, तेजपाल मौर्य, बलवीर सिंह, चित्र सेन, हरीश, डॉक्टर योगेश शर्मा, मुनीश कुमार गंगवार, संजीव मल्होत्रा, रूप किशोर, गजेंद्र राठौर, भारतवीर गंगवार, पुष्पा गंगवार, केपी सिंह, लखमी चंद्र अहेरिया, देवेंद्र पाल सिंह, अनिल कुमार सिंह, प्रेमपाल, रविप्रकाश, धर्मावतार केशव, सुंदर लाल सागर आदि रहे।।
बरेली से कपिल यादव
