बरेली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने पर बहेड़ी के गन्ना उत्पादक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रो. डॉ. मोहित भारद्वाज को निष्कासित कर दिया गया था। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ 22 जुलाई को जारी निष्कासन आदेश को निरस्त कर दिया है।डॉ. मोहित भारद्वाज ने विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में हिस्सा लिया था। इसके बाद महाविद्यालय प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निष्कासन आदेश जारी किया था। इस आदेश के खिलाफ डॉ. मोहित ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। उन्होंने राज्य सरकार, रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति, डीएम बरेली, जिला गन्ना अधिकारी, प्राचार्य और प्रबंधक गन्ना उत्पादक महाविद्यालय को पक्षकार बनाया था। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद डॉ. मोहित भारद्वाज ने कहा कि मैंने हमेशा सत्य और न्याय पर विश्वास किया है। उन्होंने कहा कि सत्य की जीत हुई है। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नही।।
बरेली से कपिल यादव
