बरेली। पुलिस ने सिरौली और सुभाषनगर के दो मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पिट एनडीपीएस (प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंसेस) की कार्रवाई की है। हाईकोर्ट से भी इसे मंजूरी मिल गई है और अब ये दोनों अपराधी साल भर तक जमानत नहीं पा सकेंगे। सिरौली के गांव बरसेर सिकंदरपुर निवासी वीरेंद्र वर्मा अफीम तस्कर है। उसके खिलाफ बदायूं के बिनावर और बरेली के सुभाषनगर थाने में एनडीपीएस के दो मुकदमे दर्ज हैं। 12 फरवरी को चार किलो अफीम बरामद होने पर सुभाषनगर पुलिस ने उसे जेलभेजा था और इन दिनों वह जेल में ही निरुद्ध है। तस्कर जोधा सिंह सुभाषनगर के गांव करेली का निवासी है और उसके खिलाफ बरेली के नवाबगंज व बाराबंकी के सफदरगंज थाने में एनडीपीएस के दो मामले दर्ज हैं। इन दिनों वह बाराबंकी जेल में निरुद्ध है। बाराबंकी में वह फार्चूनर कार से मार्फीन क्रूड की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया था। उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुल चुकी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि जोधा सिंह का मणिपुर के मादक पदार्थ तस्करों से संबंध हैं। उसके गैंग में बदायूं और बरेली के लोग शामिल हैं। वह क्रूड लाकर मार्फीन व अफीम तैयार करके बेचता है। वीरेंद्र वर्मा झारखंड से अफीम लगाकर पंजाब समेत अन्य राज्यों में सप्लाई करता है। पुलिस अभी कई अन्य मादक पदार्थ तस्करों पर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। इनमें फतेहगंज पश्चिमी, फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी और सिरौली के तस्कर हैं। इन सभी के खिलाफ गैंगस्टर के साथ ही हिस्ट्रीशीट खोलने और जिला बदर करने की तैयारी है। दोनों मादक पदार्थ तस्कर इन दिनों जेल में हैं। इन दोनों की जमानत भी मंजूर हो चुकी है लेकिन पिट एनडीपीएस की कार्रवाई के चलते उनकी रिहाई पर रोक लग गई। अब ये आरोपी साल भर तक जेल से बाहर आकर मादक पदार्थ तस्करी नहीं कर सकेंगे।।
बरेली से कपिल यादव
