आन्धी आए या तूफान हम खड़े हैं आपके घरों में रोशनी लाने के लिए : राणमल खत्री

राजस्थान/बाड़मेर-  काल सेंटर जोधपुर वाले विधुत व्यवस्थाओं से सम्बंधित बात करते ही आपकी शिकायत दर्ज करते हैं और तुरंत ही अपनी टीम को मोबाइल फोन पर मैसेज भेजकर सम्बंधित क्षेत्र में लाइटें ठीक करने के लिए आपके घर के आसपास जल्दी ही एक एफ आर टी गस्ती दल टीम गाड़ी लेकर मौका स्थल पर आकर बहुत जल्दी ही विधुत व्यवस्थाओं को दुरस्त करते हैं और सम्बंधित उपभोक्ताओं को सन्तुष्ट करते हुए कहते हैं कि आपके घर और आसपास के इलाकों में भी चैक किजिए की घरों में लाईट आई है या फिर ना…..

विधुत व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के लिए ज्यादातर लोगों में चर्चित शहरी क्षेत्रों में विधुत विभाग प्रथम के वरिष्ठ अभियन्ता राण मल खत्री, कनिष्ठ अभियन्ता इन्द्रजीत सिंह गुर्जर के नेतृत्व मे लाईन मैन टीम प्रभारी कूम्प सिंह, रूघ सिंह और एफ आर टी टीम के जय सिंह, किशन सिंह, बान्क सिंह , नरपत सिंह सहित गाड़ी में सीढ़ी के साथ विधुत व्यवस्था के लिए जरूरत का सामान लेकर अपने आसपास के विधुत पोलों पर बिजली ठीक करते हुए देखा जा सकता है।

जानकारों ने बताया कि पहले आफलाइन सुविधा होने से बाड़मेर विधुत विभाग कार्यालय में जाकर शिकायत रजिस्टर मे आप वहां शिकायत दर्ज करवाओगे तो ही आपकी लाइट ठीक जरूर होगी लेकीन कब यह बताना मुश्किल होता था। लेकिन आजकल आनलाइन सिस्टम से अपलोड करने के साथ ही आपके मोबाइल फोन पर सिर्फ एक काल कस्टमर केयर पर किजिए और विधुत व्यवस्था दुरस्त करने वाले तुरुन्त हुए हाज़िर आपके घर…..

आफलाइन सुविधा के दौरान बिजली की आंख मिचौली से लोग परेशान हुआ करते थे और हमेशा गर्मी हो या बरसात का मौसम, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का अपने रवैए को बदलने के लिए तो कतई तैयार नहीं हुआ करते थे। कहीं पर घरेलू लाइटें बंद होने पर ठीक करने में चौबीसों घंटे से ज्यादा समय लगाते थे तो कहीं पर दूर दराज के गांवों में राम भरोसे, कहीं कहींतो पर तारे घरों के उपर लटक रही है,कही कही पर जमीन से कुछ फिट ऊपर ,कभी भी भयंकर हादसों का रूप ले सकती थीं लेकिन आजकल एक शिकायत दर्ज करवाते ही तुरंत संज्ञान लेकर समाधान कर दिया जाता है।

बाड़मेर जिले और जिला मुख्यालय पर विधुत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को घरेलू लाईट बंद होने की सूचना देने पर संबंधित व्यक्ति को काल सेन्टर जोधपुर डिस्कॉम का हवाला देते हुए इतिश्री कर लेते थे ओर काल सेंटर पर शिकायत दर्ज करने के दस पन्द्रह घंटों तक लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता था। और आजकल विधुत कर्मी और एफ आर टी टीम बारिश आन्धी तूफान आने के बावजूद तुरंत फाल्ट सुधारने में लगे रहते है।

सेवानिवृत्त इन्जीनियर बी एल शर्मा ने बताया कि पहले आसमान में बादलों की गरज से बिजली हो जाती थी गुल: और आजकल अधिकारियों और कर्मचारियों की कुशल नेतृत्व से बिजली कंपनी की टीम द्वारा लगभग एक हजार से ज्यादा फाल्ट सुधारने में दिन रात लगे हुए है। इसके बावजूद बिजली की आंख मिचौली समाप्त होने का नाम नहीं ले रही थी। बादलों की गरज या जरा सी बूंदें गिरते ही बिजली गोल होना आम बात हो गई थी।

कनिष्ठ अभियन्ता इन्द्रजीत सिंह गुर्जर ने बताया कि पहले घरों में बार- बार बिजली जाने आने से लोगो के घरेलू उपकरण भी खराब हो जाता था लेकिन इस बार उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में मुस्तैद टीम के कारण शहरी क्षेत्रों के लोगों को कोई परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।इन्होंने पूर्व में जोधपुर डिस्काम के बायतू, कल्याणपुरा और वर्तमान में बाड़मेर शहर प्रथम में बेहतरीन विधुत व्यवस्थाओं को सुचारू करने में लगे हुए है।

— राजस्थान से राजूचारण

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