महापौर ने शासन को लिखा पत्र, आरआई पर लटकी निलंबन की तलवार

बरेली। नगर निगम के आरआई सचिदानंद के मामले मे महापौर की ओर से मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री व नगर आयुक्त को पत्र भेजा गया है। पत्र के स्थानांतरण नीति के नियमों को ताक पर रखकर पिछले 7 वर्षों से निगम में रहने की बात व महिला के दुर्व्यवहार का जिक्र किया गया है। राजस्व निरीक्षक पर अब निलंबन की तलवार लटक गई है। शुक्रवार को पूर्व उपसभापति अतुल कपूर के नेतृत्व में आक्रोशित पार्षदों ने महापौर कार्यालय पर धावा बोल दिया, जिसके बाद महापौर उमेश गौतम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और नगर आयुक्त संजीव मौर्य को पत्र भेजकर आरआई को निलंबित करने की मांग की है। इस पूरे विवाद की जड़ शहदाना कॉलोनी की निवासी सीमा रानी की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर है। महिला का आरोप है कि उनके 61,143 रुपये के हाउस कर को रफा-दफा करने के एवज में आरआई सचिदानंद ने डेढ़ साल पहले 20,000 की रिश्वत ली थी। इसके बावजूद काम नहीं हुआ और अब 20,000 की अतिरिक्त मांग करते हुए कुर्की की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि बीती 16 जून को जब महिला कार्यालय पहुंची, तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। वहीं, 17 जून को जब वह पूर्व उपसभापति अतुल कपूर के साथ शिकायत करने गईं, तो अधिकारी ने मर्यादा भूलकर सबके सामने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दे डाली। महापौर उमेश गौतम ने शासन को पत्र लिखा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आरआई सचिदानंद की सात साल से एक ही जगह तैनाती ट्रांसफर नीति के नियमों के खिलाफ है। महिला ने मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए आरआई के खिलाफ भ्रष्टाचार, अभद्रता की जांच की मांग की है।।

बरेली से कपिल यादव

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