राजस्थान/बाड़मेर- बाड़मेर जालोर भीलड़ी रेलमार्ग पर बाड़मेर बालोतरा समदड़ी भीलड़ी अहमदाबाद मुम्बई कन्याकुमारी इरोड वाया कोकेन रेल्वे रेलमार्ग, चेन्नई हैदराबाद सिकन्दराबाद, त्रिवेंद्रम, बेगलुरु मैसूर, बाड़मेर से श्री माता वैष्णो देवी मन्दिर कटरा, श्रीनगर, जम्मू कश्मीर वाया अमृतसर, बाड़मेर से लुधियाना वाया जोधपुर फलोदी लालगढ़ जक्शन होकर, जैसलमेर से भी देश के दक्षिण भारतीय क्षेत्रों के लिए रेलगाड़ी संघर्ष समितियों की एकजुटता लाई और आज का दिन हमारे लिए ऐतिहासिक साबित हुआ, जब भगत की कोठी–एमजीआर चेन्नई सेंट्रल सुपरफास्ट का मोदरान रेलवे स्टेशन पर नियमित ठहराव शुरू हो गया। उत्तर पश्चिम रेल्वे के इस निर्णय से क्षेत्र के प्रवासियों और स्थानीय जनता के वर्षों पुराने संघर्ष को बड़ी सफलता मिली साथ ही भव्य समारोह में जालौर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी और राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं जालौर विधायक जागेश्वर गर्ग ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मोदरान में ठहराव शुरू होने से आसपास के करीब दो सौ गांवों के दक्षिण भारतीय क्षेत्र में रोजगार करने वाले प्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा, जो रोजगार और व्यापार के लिए दक्षिण भारत, विशेषकर चेन्नई में निवास करते हैं। अब यात्रियों को जालोर या भीनमाल जाकर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
बाड़मेर जैसलमेर जालोर रेलगाड़ी संघर्ष समितियों की एकजुटता रंग लाई और उनके सघर्ष का मिला फल, वर्षों की मेहनत सफल हुईं, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक जागेश्वर गर्ग ने कहा कि यह ठहराव क्षेत्र की संघर्ष समितियों के वर्षों के परिश्रम, त्याग और जनआंदोलन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और ‘रेल रोको’ आंदोलन भी करना पड़ा, जिसमें कई कार्यकर्ताओं पर मुकदमे तक चले, लेकिन संघर्ष जारी रहा आगे और भी रेलगाड़ियों की सौगात मिलेगी।
इस मांग को श्री आशापुरी माताजी संघर्ष समिति मोदरान जालोर पैसेंजर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति, सुंघा पर्वत माताजी रेल संघर्ष समिति और दक्षिण भारतीय क्षेत्रों में मारवाड़ी प्रवासी संघर्ष समितियों की अहम भूमिका रही।
जालोर रेलमार्ग संघर्ष समिति के अध्यक्ष रतन सिंह सोढा राजपुरोहित, उपाध्यक्ष जगमाल सिंह राजपुरोहित, बद्रीदान चारण एवं हीराचंद भंडारी के नेतृत्व में रेल मंत्रालय और अधिकारियों को लगातार हजारों ज्ञापन व पत्र भेजे गए। इसी का परिणाम है कि आज मोदरान को यह महत्वपूर्ण ठहराव मिला।
जालोर सिरोही सासंद लुंबाराम चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि दो सौ गांवों की जनता, श्री आशापुरी माताजी की कृपा और संघर्ष समिति के युवाओं के अथक प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक इस ट्रेन का उपयोग करने की अपील की।
सांसद ने बताया कि मोदरान स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल कर बाजार और आबादी क्षेत्र की ओर विकसित किया जाएगा। स्टेशन भवन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि चेन्नई से बाड़मेर और भुज–जालोर–पाली–दिल्ली ट्रेन जल्द शुरू की जाएगी। जैसे ही रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का कार्यक्रम तय होगा, जालौर से ही इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। साथ ही छोटे स्टेशनों को जोड़ने के लिए लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की बात भी कही गई।
ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया। सांसद व अतिथियों ने लोको पायलट का साफा और माला पहनाकर सम्मान किया।
इस मौके पर श्री आशापुरी माताजी संघर्ष समिति मोदरान के अध्यक्ष रतनसिंह, उपाध्यक्ष जगमालसिंह राजपुरोहित, पैसेंजर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष हीराचंद भंडारी, सुंधा संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष जालमसिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पहले ही दिन सैकड़ों यात्रियों ने आशापुरी एक्सप्रेस में सफर कर नई सुविधा का लाभ उठाया।
समारोह के दौरान रेलवे के करणीराम, जसवंतपुरा उपखंड अधिकारी प्रीति चक, तहसीलदार नीरजा कुमारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। वहीं जिला जालौर परिषद सदस्य शिवनाथ सिंह राजपुरोहित दीप सिंह धनानी, रावत सिंह परमार अशोक सिंह सेंरना, जालम सिंह चेन्नई रतन देवासी भवानी सिंह जे राजपुरोहित सहित हजारों ग्रामीणों सहित क्षेत्रिय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
— राजस्थान से राजूचारण
