बरेली। सोमवार को जिले की तहसील सदर के गांव फरीदापुर इनायत खां मे खेल के मैदान पर खेल साक्षरता अभियान की शुरुआत की गई। खेल साक्षरता अभियान की शुरूआत देश की जानी मानी गैस सप्लाई करने वाली कम्पनी सीयूजीएल और खेल साक्षरता मिशन को बढ़ावा देने वाली एनजीओ स्पोर्ट्स ए वे ऑफ लाइफ के संयुक्त तत्वाधान मे की गई। स्पोर्ट्स ए वे ऑफ लाइफ के निदेशक रवि शुक्ला ने बताया कि इस खेल साक्षरता अभियान की शुरुआत से पहले इस गांव व पूरे ब्लॉक मे खेल साक्षरता सर्वे किया गया था। इसके अनुसार यहां महिलाओं एवं पुरूषों की खेल साक्षरता दर 1.9 तथा 6.7 प्रतिशत है। इतनी कम खेल साक्षरता को खेल निरक्षरता भी कहा जा सकता है। कार्यक्रम निदेशक ने कहा कि अगर हमे अपना प्रदर्शन सुधारना है तो हमें खेल साक्षरता को बहुत तेजी से बढ़ाना पड़ेगा। खेल साक्षरता मिशन का शुभारंभ यशपाल राणा (पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी वॉलीबाल), गीता अरोरा शर्मा (पूर्व ओलम्पियन हॉकी खिलाड़ी), पुष्पेन्द्र सिंह (नेशनल एथलिट खिलाड़ी), धनन्जय सिंह (ग्राम प्रधान) के कर कमलों द्वारा किया गया। आगे बताया कि प्रतिनिधि घर-घर जाकर खेल साक्षर बनाने का अभियान चलाया जायेगा। इस गांव से यह अभियान कर बरेली जिले के लगभग सभी गांवों में चलाया जायेगा। खेल साक्षरता अभियान चलाने के लिए “स्पोर्ट्स लिटरेसी वैन” को भी चलाया गया है। जिसमें एलसीडी स्क्रीन लगी हुई है और इस पर ग्रामीण बच्चों को खेलों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई जायेंगी। गांव के बच्चों को भी खेल की पुस्तकें तथा कैलेंडर वितरित किये जायेंगे। जिसमें हिन्दी वर्णमाला को सिखाने के लिए खेलों की शब्दावली का प्रयोग किया गया है। सीयूजीएल से मुदित कंचन ने बताया कि खेल साक्षर बनने से जहां बच्चों मे खेल के लिए लगन पैदा होगी। वहीं अगर देश के दृष्टिकोण से सोचें तो यही बच्चे कल को ओलम्पिक तथा राष्ट्रीय स्तर पर खेलने जायेंगे। स्पोर्ट्स ए वे ऑफ लाइफ संस्था के अध्यक्ष तथा देश के प्रथम खेल अनुसंधान केन्द्र आईएमटी गाजियाबाद के सेंटर हेड डॉ. कनिष्क पांडेय ने बताया कि खेल निरक्षरता को समाप्त किये बिना हम ओलम्पिक जैसे खेलों में ज्यादा मेडलकी बात नही कर सकते। खेल पर जमे अंधकार के बादल को हटाने के लिए खेल साक्षरता अभियान एक मील का पत्थर साबित होगा।।
बरेली से कपिल यादव
