स्वाइन फ्लू के लिए अस्पतालों में बनेगा अलग वार्ड, कमिश्नर बोले- खाद की किल्लत-ओवररेटिंग पर सीधे नपेंगे जिम्मेदार

बरेली। किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ा या दुकानदारों ने तय कीमत से ज्यादा रुपये वसूले तो अब जिम्मेदार अफसर भी जवाबदेही से नहीं बचेंगे। सोमवार को विकास भवन में मंडलीय समीक्षा के दौरान कमिश्नर शंभू कुमार ने खाद की उपलब्धता और ओवररेटिंग को लेकर अफसरों को सख्त हिदायत दी। स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने पर अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार रखने को कहा। वहीं गौशालाओं के निर्माण की सुस्त रफ्तार और बदायूं में कुपोषित बच्चों से जुड़े आंकड़ों की कमजोर स्थिति पर नाराजगी जताई। खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों से समीक्षा की शुरुआत हुई। फार्मर रजिस्ट्री में छूटे किसानों का अभियान चलाकर पंजीकरण कराने को कहा गया। इसके साथ ही कमिश्नर ने साफ किया कि मंडल में खाद की किल्लत जैसी स्थिति पैदा नही होनी चाहिए। बाजार में पर्याप्त फर्टिलाइजर उपलब्ध रहे और किसान से निर्धारित कीमत से अधिक रकम न वसूली जाए। इसके लिए कृषि विभाग को लगातार निगरानी रखने को कहा गया। सड़कों पर घूमते छुट्टा गोवंश और उनसे होने वाले हादसों का मुद्दा भी बैठक में उठा। कमिश्नर ने अभियान चलाकर ऐसे पशुओं को संरक्षित करने और सहभागिता योजना के जरिए ज्यादा से ज्यादा गोवंश लोगों को सुपुर्द करने को कहा। गौशालाओं के निर्माण में बरेली मंडल की रफ्तार धीमी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में बदायूं की स्थिति ने कमिश्नर का ध्यान खींचा। अति कुपोषित श्रेणी से बाहर आ रहे बच्चों की फीडिंग में जिला पिछड़ा मिला। इस पर संबंधित अधिकारी से नाराजगी जताते हुए आंकड़े और स्थिति सुधारने को कहा गया। बेसिक शिक्षा विभाग को मंडल के ऐसे स्कूल तलाशने को कहा गया है, जिनके परिसर या ऊपर से बिजली की लाइन गुजर रही है। सत्यापन के बाद विद्युत विभाग के जरिए इन लाइनों को शिफ्ट कराया जाएगा। बदायूं में समाज कल्याण विभाग के बालिका छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया। वहीं पीलीभीत के शैक्षणिक संस्थानों में गैस सिलेंडर से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए। 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने में बदायूं की रफ्तार धीमी मिली। निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा में कमिश्नर के तेवर सख्त रहे। कार्यदायी संस्थाओं से कहा गया कि वर्षों तक प्रोजेक्ट लटकाने की स्थिति नहीं होनी चाहिए। जो निर्माण अंतिम चरण में हैं, उन्हें जल्द पूरा कर संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए। कमिश्नर ने मंडल के जिलाधिकारियों से सीएम डैशबोर्ड की नियमित समीक्षा करने को कहा। बैठक में अवैध शराब और अवैध बस संचालन का मुद्दा भी उठा। आईजीआरएस की शिकायतों को लेकर कमिश्नर ने निस्तारण के तरीके में बदलाव पर जोर दिया।।

बरेली से कपिल यादव

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