यक्ष मे फीड हुआ अपराधियों का पूरा डेटा, अब गैंगस्टर-माफियाओं की संपत्ति होगी जब्त, इनामी-वांछित जाएंगे जेल

बरेली। बरेली रेंज में अपराधियों और माफिया के खिलाफ पुलिस का शिकंजा और कसने वाला है। सोमवार को डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस कप्तानों को तलब कर क्राइम कंट्रोल का पूरा हिसाब लिया। हत्या, लूट, डकैती और दुष्कर्म से लेकर धर्मांतरण, गौकशी और साइबर ठगी तक के मामलों की फाइलें खंगाली गई। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई के साथ अपराध से खड़ी की गई संपत्तियों को चिह्नित कर जब्ती तेज करने को कहा। इनामी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी का भी हिसाब मांगा गया। गुंडा एक्ट और आर्म्स एक्ट में कार्रवाई की रफ्तार परखी गई। संदेश साफ था कि बड़े अपराधियों पर सिर्फ मुकदमा दर्ज कर फाइल बंद नहीं होगी, उनकी आर्थिक कमर भी तोड़ी जाएगी। डीआईजी ने हत्या, लूट, स्नेचिंग, नकबजनी, वाहन चोरी, फिरौती और डकैती जैसे संगीन अपराधों में पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की। दुष्कर्म, दहेज हत्या, पॉक्सो, अपहरण, धर्मांतरण और सांप्रदायिक संघर्ष से जुड़े मुकदमे भी समीक्षा के दायरे में रहे। पुराने और गंभीर मामलों में फरार आरोपियों को पकड़ने तथा लंबित विवेचनाओं को जल्द मुकाम तक पहुंचाने को कहा गया। सीसीटीएनएस पर 60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं ने भी डीआईजी का ध्यान खींचा। उन्होंने साफ किया कि गंभीर मुकदमों की विवेचना बेवजह लंबी नहीं खिंचनी चाहिए। बयान, वीडियो, फोटो और फॉरेंसिक रिपोर्ट को ई-साक्ष्य एप के जरिए केस का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। अदालतों से तालमेल कर ई-समन जारी कराने और उसकी तामील में होने वाली देरी खत्म करने को भी कहा गया। इसके अलावा मादक पदार्थ तस्करों पर कार्रवाई को सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने साइबर थानों के साथ सामान्य थानों की साइबर हेल्प डेस्क की कार्रवाई परखी। साइबर ठगी के बाद रकम को समय रहते होल्ड कराने और पीड़ितों को राहत दिलाने पर जोर दिया गया। वहीं महिलाओं से जुड़े अपराधों की विवेचना में देरी पर भी सख्ती दिखाई गई। महिला उत्पीड़न के मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने और दहेज उत्पीड़न की विवेचनाएं महिला थाने से कराने को कहा गया। मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट को सिर्फ कागजी व्यवस्था न रहने देकर जमीन पर प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। डीआईजी ने सोशल मीडिया को कानून व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम बताते हुए चौबीसों घंटे निगरानी मजबूत करने को कहा। किसी घटना को लेकर भ्रामक पोस्ट या अफवाह फैलने पर पुलिस को देर किए बिना तथ्य सामने रखने होंगे।।

बरेली से कपिल यादव

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