बाड़मेर/राजस्थान – सूचना का अधिकार कानून के तहत आवेदन के प्रति बेरुखी और कानून के प्रति उदासीनता का भाव नगर निगम ग्रेटर के एक उपायुक्त को भारी पड़ गया। राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त डी बी गुप्ता ने इस मामले में अधिकारी पर पचीस हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही स्वायत शासन विभाग को निगम के मानसरोवर जोन उपायुक्त के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये पर सख्त कार्यवाही करने को कहा है।
आयोग ने यह कार्यवाही स्थानीय नागरिक राजेश जैन ने अपील दाखिल कर शिकायत की कि निगम उन्हें दो साल से वांछित सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवा रहा है। जैन ने आयोग में दो अलग अलग अपील पेश कर कहा वे एक सिविल कोर्ट के आदेश की अनुपालना में निगम के स्तर पर की गई कार्यवाही जानने की फरियाद लेकर घूम रहे है। लेकिन उन्हें जानबूझकर सूचनाएं नहीं दी जा रही है।
सुनवाई के दौरान निगम का जवाब देख कर आयोग ने गहरी नाराजगी जाहिर की। निगम के मानसरोवर जोन उपायुक्त ने पहले जैन को जवाब भेजा फिर सुनवाई के दौरान वैसा ही जवाब आयोग के सम्मुख पेश कर दिया। उपायुक्त ने सूचना आवेदन के जवाब में कहा ‘ निगम में ऐसे सैंकड़ो पत्र और पत्रावली को दाखिल करे बिना बेतरतीब ढंग से रखे जाते है। उन्हें खोजने में हमारा समय व्यर्थ होता है ,जिस कारण कार्यालय ,अनुभाग और शाखा का नियमित कार्य बाधित होता है। इससे अन्य कार्य भी बाधित होते है। लिहाजा सूचनाओं को उपलब्ध करना सम्भव नहीं है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य सूचना आयुक्त गुप्ता ने लापरवाह अधिकारी का ऐसा जवाब देख कर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा ये सूचना का अधिकार कानून के प्रति घोर लापरवाही और अकर्मण्यता का द्योतक है। गुप्ता ने इन दोनों अपीलों में उपायुक्त पर पच्चीस हजार रूपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। यह जुर्माना राशि अधिकारी के वेतन से काटी जाएगी।मुख्य सूचना आयुक्त ने अपने आदेश की प्रति निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी भेजने का आदेश दिया l
मुख्य सूचना आयुक्त गुप्ता ने आदेश की प्रति स्वायत्त शासन के सचिव को भेजने का निर्देश दिया है। आयोग ने विभाग से कहा कि वो अधिकारी के इस जवाब का अवलोकन करें और ऎसे गैर जिम्मेदाराना जवाब के लिए उनसे सफाई लेकर कार्यवाही करना सुनिश्चित करे।
– राजस्थान से राजूचारण
