बरेली। सावन के अंतिम सोमवार को शहर के प्रमुख नाथ मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। यह सिलसिला आधी रात से शुरू होकर दोपहर बाद तक जारी रहा। शहर के अलखनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ, त्रिवटीनाथ, बनखंडीनाथ, पशुपतिनाथ और धोपेश्वरनाथ मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। अलखनाथ मंदिर में रात से ही जलाभिषेक आरंभ हो गया था। त्रिवटीनाथ मंदिर में तड़के तीन बजे से यह क्रम शुरू हुआ। धोपेश्वरनाथ मंदिर में भी तड़के से ही जलाभिषेक किया गया। कछला, गढ़ मुक्तेश्वर और हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर महादेव के जयकारों से गूंजते रहे। शहर के कांवड़ मार्गों पर कांवड़ियों का रेला दिखाई दिया। बदायूं रोड और लाल फाटक रोड पर कांवड़ियों के लिए भंडारे भी चलते रहे। सावन मास के अंतिम सोमवार पर शहर के प्रमुख मंदिरों में भगवान शिव का महा-जलाभिषेक हुआ। प्रमुख शिवालयों में कांवडियों की भारी भीड़ सुबह 2 बजे से जलाभिषेक के लिए उमड़ने लगी। ट्रक, ट्रालियों और ट्रैक्टरों मे तेज धमक वाले डीजे लगाकर कांवडिया कावर लेकर मंदिर प्रांगण में पहुंचे। भोर होने के साथ ही मंदिरों में हर-हर महादेव और बमबम भोले के जयकारे गूंजना शुरू हो गए। मंदिर के पुजारियों और सेवादारों ने मिलकर व्यवस्था को संभालते हुए कावडियों का जलाभिषेक पूरा कराया। वही धोपेश्वर नाथ मंदिर में एक नन्हा कावंडिया कांवर लेकर पहुंचा। आजम नगर के रहने वाले तीन साल के छोटे से कावडिया पीयूष ने कंधे पर कांवर लेकर नन्हें-नन्हें पैरों से बरेली के सातों नाथ मंदिरों के दर्शन किए। पीयूष की मां मधु ने बताया कि जब से सावन शुरू हुआ तब से पीयूष ने कांवर उठाने की जिद पकड़ ली। आयु कम है इसलिए बहुत दूर तो नही जा सकते थे। मगर सातों नाथ के दर्शन करा सकते थे। बताया कि कांवर भी पीयूष ने खुद ही जिद करके तैयार करवाई। धोपेश्वर मंदिर में जल चढ़ाकर यात्रा का समापन किया। पशुपतिनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक : नाथ नगरी बरेली जलाभिषेक समिति के तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय जलाभिषेक यात्रा का सोमवार को समापन हो गया। सातवे चरण में वावा पशुपतिनाथ मंदिर पर रुद्राभिषेक और शिव श्रृंगार किया गया। शिवभक्तों ने मंदिर परिसर में स्थापित 108 शिवलिंगों पर रुद्राभिषेक किया। श्यामगंज स्थित सेठ गिरधारीलाल मंदिर में यात्रा से पहले गणेश पूजन और शिव स्तुति का पाठ हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं के हाथों में गंगाजल और नंदी ध्वन लेकर यात्रा में शामिल हुए। सुबह 7 बजे शुरू हुई जलाभिषेक यात्रा श्यामगंज से शहदाना, पुराना शहर, जगतपुर चौकी होते हुए बावा पशुपतिनाथ मंदिर पहुंची। गिरिराज सेवा समिति, महिला स्वास्थ्य सेवा, युवा जन सेवा समिति, महाकाल सेवा समिति और हिंदू समाज कल्याण समिति सहित कई सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। व्रजवासी लाल अग्रवाल, आशुतोष अग्रवाल, मनोज देवल, पंकन देवल, दया अग्रवाल, राजीव शर्मा, सीनाली अग्रवाल, मीना देवी, शोभित अग्रवाल और रोहित अग्रवाल सहित भारी संख्या में भक्त मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
