बरेली। बीएसए ने बुधवार को भोजीपुरा विकास क्षेत्र के तीन प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में साफ-सफाई, शैक्षिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में कई खामियां मिलीं। बीएसए ने दो विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को कमियां तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। बीएसए डॉ. विनीता सबसे पहले सुबह करीब 8:50 बजे प्राथमिक विद्यालय पुर्नापुर पहुंची। विद्यालय में 58 छात्रों के नामांकन के सापेक्ष केवल 25 उपस्थित मिले। रसोईघर मे ताला लगा था। हैडवॉश यूनिट, रसोई और शौचालय के आसपास झाड़ियां उगी मिली। ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि विद्यालय का स्टाफ समय से नही आता है। एक अभिभावक ने बताया कि उसके बच्चे की डीबीटी की धनराशि अब तक नही मिली है। बीएसए ने मामले मे पूरे स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय खतौला गनपतराय पहुंची। यहां 138 नामांकित छात्रों में से 111 उपस्थित मिले, जबकि एक शिक्षिका सीसीएल पर थी। बालिका शौचालय का दरवाजा टूटा मिला व कक्षाओं की खिड़कियों में जालियां नहीं थी। कक्षा तीन के विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर कमजोर मिला। एक छात्रा 3 का पहाड़ा नही सुना सकी जबकि उपस्थिति रजिस्टर में उसकी नियमित उपस्थिति दर्ज थी। बीएसए ने नाराजगी जताते हुए विद्यालय का शैक्षिक स्तर सुधारने व स्टाफ से स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। दोनों विद्यालयों के संबंधित प्रधानाध्यापकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने को कहा। खंड शिक्षा अधिकारी भोजीपुरा से स्पष्टीकरण तलब किया। यहां के बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय विवियापुर चौधरी का जायजा लिया। यहां 101 नामांकित छात्रों के सापेक्ष 77 उपस्थित मिले। कक्षा में बोर्ड पर बुधवार की जगह मंगलवार अंकित मिला। अधिकांश छात्र-छात्राएं ड्रेस मे नहीं थे। बीएसए ने प्रधानाध्यापक को अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की नियमित उपस्थिति और ड्रेस सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।।
बरेली से कपिल यादव
