बरेली। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार को नबी-ए-करीम की आमद की खुशी में शहर की फिजा नारों से गूंज उठी। जुलूसे मोहम्मदी का कारवां सड़कों पर निकला तो माहौल की रंगत ही बदल गई। लोबान की खुशबू से महकती फिजा में सजे-धजे अंजुमनों के बीच खाने काबा, गुंबदे खिजरा समेत कई झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। अंजुमनों में शामिल लोगों की जुबां पर लब्बैक या रसूल अल्लाह के नारे गूंजते रहे। जश्न शहर में पूरी शान-ओ-शौकत और पारंपरिक अंदाज में मनाया गया। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि कायदे जुलूस में रंग-बिरंगी पोशाक, पगड़ी और जुब्बा पहने लोग अंजुमनों की शक्ल में शामिल हुए। सबसे आगे परतापुर जीवन सहाय की अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा व रेलवे जंक्शन की अंजुमन अनवारे मुस्तफा चली। नासिर कुरैशी ने बताया कि जुलूस में मुख्य रूप से अंजुमन अनवारे मुस्तफा, अंजुमन गौसुल वरा, अंजुमन आशिकाने रजा, अंजुमन जानिसारने रसूल, अंजुम कुर्बान-ए-रसूल, अंजुमन रजा-ए-मिल्लत, अंजुमन फैजुल कुरान शामिल रही।।
बरेली से कपिल यादव
